आगरा, निर्लाेष कुमार। सालाें पहले आगरा ताजमहल (Taj Mahal) देखने आए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन (Bill Clinton) की सुरक्षा के मद्देनजर लोगाें को घराें में बंद करा दिया था। दुकानों के शटर गिरवा दिए गए थे। सड़क पर इस तरह सन्नाटा देखकर क्लिंटन ने आगरा को 'भुतहा शहर' कहा था। कमोबेश वैसी ही स्थिति अब बन जाएगी, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में व्यावसायिक गतिविधियां बंद हो जाएंगी और पर्यटकाें को न पानी मिलेगा और न ही कोल्ड ड्रिंक।

दूध और सब्जी के लिए परेशान होंगे स्थानीय लोग

ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने को एडीए ने सर्वे शुरू करा दिया है। व्यवसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित किए जाने से ताजगंज के निवासी सब्जी, दूध और पानी को भी तरसेंगे। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पहले से ही यहां के निवासियों पर कई पाबंदियां लागू हैं, जिनसे उन्हें समय-समय पर जूझना पड़ता है।

वाहनाें पर है पहले से ही रोक

सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर राेक लगा रखी है। ताजमहल के लिए शिल्पग्राम व अमरूद का टीला पार्किंग से पर्यटकों के लिए बैटरी कार चलती हैं। स्थानीय लोगों के लिए वाहन पास की व्यवस्था है। वाहन पास आसानी से नहीं बनाए जा रहे हैं। अब यहां व्यवसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित किए जाने से यहां के निवासियों की आजीविका तो प्रभावित होगी ही, उन्हें रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए भी परेशान होना पड़ेगा।

नहीं कर सकते भवनों में बदलाव या निर्माण

ताजमहल के 500 मीटर की परिधि में निर्माण पर प्रतिबंध है। यहां के निवासी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पुरातत्व स्मारक, स्थल व अवशेष अधिनियम (विधिमान्यकरण), 2010 के अनुसार 100 मीटर में कोई निर्माण नहीं करा सकते हैं। 200 मीटर की परिधि में सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर ही काम कराया जा सकता है।

यहां के लाेगों पर भारी हैं सुरक्षा पाबंदियां

ताजमहल पर लागू सुरक्षा पाबंदियां नगला तल्फी, गढ़ी बंगस, नगला पैमा, मोहल्ला अहमद बुखारी व नगला ढींग के लोगों की जिंदगी पर भारी हैं। यह क्षेत्र वैसे तो ताजमहल की 500 मीटर की परिधि से बाहर हैं, लेकिन यहां जाने का रास्ता ताज पूर्वी गेट से होकर जाता है। यहां के लोगों को वाहन पास जारी नहीं किए जाते हैं। इन गांवों के लोगों को 10-12 किमी लंबा रास्ता नापते हुए धांधूपुरा जाना पड़ता है।

ताज से बाहर किए जा चुके हैं फोटोग्राफर

ताजमहल में व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू होने की वजह से ही लाइसेंसधारक फोटोग्राफरों के स्मारक के अंदर से काम करने पर रोक लगी थी। उन्हें स्मारक के बाहर से काम करने को कहा गया था।

कई उद्योगों पर खड़ा हुआ संकट

ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए 30 दिसंबर, 1996 को सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपेजियम जोन बनाया था। इसमें ताजमहल की 50 किमी की परिधि में आने वाला 10400 वर्ग किमी का क्षेत्र शामिल है। इसमें प्रदूषणकारी उद्योगों पर रोक लगा दी गई थी। फाउंड्री उद्योग को परेशानी उठानी पड़ी और उसे गैस संचालित इकाइयों में तब्दील किया गया। 50 किमी की परिधि में सभी ईंट भट्टे बंद हो गए। वर्ष 2016 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जब उद्योगों को चार कैटेगरी में बांटा तो ताज ट्रेपेजियम जोन में केवल व्हाइट कैटेगरी के उद्योगों को ही अनुमन्य किया गया।

Edited By: Prateek Gupta

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