आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना के कारण दो साल तक सुनसान रहने के बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान फिर से गुलजार हो गया है। इस सत्र के लिए 83 विदेशी छात्रों का चयन किया गया था, जिसमें से लगभग 50 छात्र संस्थान पहुंच चुके हैं। इन छात्रों की पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। बचे लगभग 23 छात्र भी जल्द ही संस्थान पहुंच जाएंगे। इन छात्रों को पासपोर्ट व वीजा संबंधी समस्याए हैं, जो दूतावास द्वारा दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। जो छात्र संस्थान पहुंच चुके हैं, उनकी कंबाइंड कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। औपचारिक कक्षाएं अक्टूबर प्रथम सप्ताह से शुरू होंगी।

संस्थान में इस साल 16 देशों के 83 विदेशी छात्रों का चयन किया गया था। चयनित विदेशी अभ्यर्थियों में सबसे ज्यादा छात्र श्रीलंका के हैं। इसके बाद चीन से आठ, तजाकिस्तान से 13, उज्बेकिस्तान से सात, दक्षिण कोरिया से पांच, थाईलैंड से पांच व अन्य देशों से भी इसी तरह विदेशी अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इन सभी देशों के अभ्यर्थियों को दूतावासों के माध्यम से सूचना भेजी गई थी। अगस्त माह में इन अभ्यर्थियों के क्लीयरेंस की प्रक्रिया चल रही थी। संस्थान में अब तक लगभग 50 विदेशी अभ्यर्थी पहुंच चुके हैं। बाकी के अभ्यर्थी भी इस माह के अंत तक पहुंच जाएंगे।

चल रही है पंजीकरण प्रक्रिया

संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी जोगेंद्र मीणा ने बताया कि जो अभ्यर्थी संस्थान पहुंच चुके हैं, उनकी पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। नियमानुसार अभ्यर्थी के संस्थान में पहुंचने के 14 दिन के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया हो जानी चाहिए। जो अभ्यर्थी अभी संस्थान नहीं आए हैं, उनके पासपोर्ट और वीजा की दिक्कतों को दूतावासों के माध्यम से दूर कराया जा रहा है।

सितंबर अंत या अक्टूबर प्रथम सप्ताह से कक्षाएं संचालित हो जाएंगी। फिलहाल जो अभ्यर्थी पंजीकरण करा चुके हैं, उनके लिए कंबाइंड कक्षाएं चल रही हैं। जब सभी अभ्यर्थी पहुंच जाएंगे, जब उनके पाठ्यक्रमानुसार कक्षाएं विभाजित कर दी जाएंगी। 

Edited By: Prateek Gupta