आगरा MLC चुनाव में सपाई-भाजपाई भिड़े, फतेहाबाद में बैलेट पेपर पर निशान लगाने का आरोप
फतेहाबाद (आगरा) में एमएलसी चुनाव के मतदान केंद्र पर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ...और पढ़ें
HighLights
बूथ के अंदर बैलेट पेपर पर निशान लगाने का आरोप।
सपा एजेंट हरदीप सिंह से मारपीट, पुलिस ने स्थिति संभाली।
संवाद सूत्र, फतेहाबाद (आगरा)। फतेहाबाद में शुक्रवार दोपहर एमएलसी चुनाव के मतदान केंद्र पर उस समय हंगामा हो गया, जब भाजपा कार्यकर्ताओं के बूथ के अंदर पहुंचने का आरोप लगा। आरोप है कि बूथ के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकालने के बाद बैलेट पेपर पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में निशान लगाए गए। घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आरोप है कि मतदान केंद्र पर मौजूद सपा एजेंट हरदीप सिंह के साथ मारपीट कर उन्हें बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के बाद बूथ के बाहर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने भीड़ को वहां से खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, एसीपी इमरान अहमद और एसडीएम स्वाति शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर स्थिति की जानकारी ली। घटना के बाद मतदान केंद्र पर तनाव का माहौल बना रहा।
सपा ने लगाया बूथ कैप्चरिंग का आरोप, पुनर्मतदान की मांग
सपा ने फतेहाबाद और शमसाबाद ब्लाक का चुनाव निरस्त कर दोबारा मतदान कराने की मांग की है। भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और प्रशासनिक पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि दोनों ब्लाकों में मतदान में सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा अनियमितताएं प्रमाणित होने पर चुनाव निरस्त कर दोबारा मतदान कराया जाए।
सपा का आरोप है कि जहां भाजपा के एजेंटों को मतदान केंद्रों के नजदीक बैठने दिया गया, वहीं समाजवादी पार्टी के एजेंटों को निर्धारित 200 मीटर की दूरी से भी काफी आगे बैठने के लिए मजबूर किया गया। फतेहाबाद ब्लाक पर यही देखने को मिला। भाजपा का बस्ता जहां मतदान केंद्र से 50 मीटर दूर पर था, वहीं सपा के कार्यकर्ताओं को हटाकर 200 मीटर दूर कर दिया गया।
पार्टी ने इसे चुनावी नियमों के समान रूप से पालन न किए जाने का मामला बताया है। सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की शिकायतों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार शासन-प्रशासन के अधिकारियों से फोन पर संपर्क करते रहे, लेकिन कार्यकर्ताओं को अधिकारियों ने आश्वासन ही दिए।
कार्यकर्ता किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष मतदान और अपने अधिकारों के लिए पार्टी के कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ डटे हुए हैं। पार्टी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, इसे किसी भी प्रकार के दबाव, पक्षपात या दबंगई से प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए।
निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि फतेहाबाद और शमसाबाद ब्लाक की सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उपलब्ध वीडियो फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए, पात्र एजेंटों को उनके अधिकारों के अनुसार कार्य करने का अवसर दिया जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
