आगरा MLC चुनाव: मतदान की सीख देने वाले गुरुजी...खुद ही नहीं कर सके सही से मतदान
आगरा एमएलसी चुनाव में बड़ी संख्या में वोट अवैध पाए गए, जिसमें शिक्षकों द्वारा डाले गए मत भी शामिल हैं, ...और पढ़ें

आगरा में नवीन गल्ला मंडी परिसर में रखीं मतपेटिकाएं।
जागरण संवाददाता, आगरा। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है। गुरुजी यह पाठ कई सालों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। मतदान किस तरीके से करना होता है, स्याही किस अंगुली में लगती है और जरा सी गलती से वोट किस तरीके से अवैध हो सकता है, इन सब बातों की जानकारी दी जाती है, लेकिन युवा मतदाताओं को यह पाठ पढ़ाने वाले गुरुजी खुद ही सही तरीके से मतदान नहीं कर सके।
यही वजह रही कि शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में कई प्रत्याशियों को अवैध घोषित किए गए वोटों से भी कम वोट मिले। लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव से एमएलसी चुनाव भिन्न होता है। बैलेट पेपर से होने वाले इस चुनाव में मतदाताओं को अपनी पसंद के प्रत्याशी को एक, दो, तीन अंकों की वरीयता देनी होती है। इसके लिए मतदाताओं को बूथों में बैंगनी रंग का पेन दिया जाता है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता जागरूकता पर लगातार ध्यान दिया। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मतदान का तरीका मतदाताओं को समझाया गया। जागरूकता कार्यक्रम भी हुए। मंगलवार को मतगणना के दौरान जिस तरीके से अवैध वोट निकले, उसे देखकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई। एमएलसी शिक्षक चुनाव के पहले चक्र में 861 वोट अवैध निकले।
12 में से आठ प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्हें अवैध घोषित किए गए वोटों से कम वोट मिले। एक प्रत्याशी को 861 वोट मिले। एमएलसी स्नातक चुनाव की मतगणना के पहले चक्र में 928 वोट अवैध पाए। एमएलसी स्नातक चुनाव की दूसरी चक्र की मतगणना में 796 मत अवैध पाए गए। दोनों चक्रों में 13 प्रत्याशियों में से 10 प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्हें अवैध घोषित किए गए वोटों से कम मिले।
इसलिए घोषित हुए अवैध
मतगणना के दौरान अवैध मतों को अलग टोकरी में रखा गया। वैध मतों की गणना के बाद अवैध मतों को भी गिना गया। अवैध मतों की गिनती में पाया गया कि अधिकांश मतदाताओं ने बैलेट पेपर में सही क्रास का चिह्न लगाया है। कुछ मतदाताओं ने गिनती को अंकों में लिखने के बदले शब्दों में लिख दिया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि बड़ी संख्या में अवैध मत मिले हैं।
