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आगरा में ब्रिटिश महिला से अभद्रता, सूरकुटी में मुंहबोले बेटे को पीटा; पुलिस ने छोड़े आरोपी

By Ali Abbas Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 21 Sep 2026 10:45 PM (IST)

आगरा के सूरकुटी मंदिर में राधा अष्टमी पर दर्शन करने गईं एक ब्रिटिश महिला से अभद्रता और उनके मुंहबोले बेटे ...और पढ़ें

AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

HighLights

  1. ब्रिटिश महिला और मुंहबोले बेटे से अभद्रता व मारपीट।

  2. सूरकुटी मंदिर, आगरा में राधा अष्टमी पर हुई घटना।

संवाद सूत्र, रुनकता (आगरा)। राधा अष्टमी पर शनिवार को सूरदास जन्मस्थली सूरकुटी मंदिर में दर्शन करने गईं ब्रिटिश महिला से अभद्रता और मुंहबोले बेटे से मारपीट का मामला सामने आया है। मुंहबोले बेटे ने पुलिस पर आरोपितो को पकड़ने के बाद छोड़ने का आरोप लगाया। मामले में पुलिस आयुक्त के यहां शिकायत की है।

घटना 19 सितंबर की शाम की है। रुनकता निवासी सौरभ सिंह अपने बड़े भाई भानू प्रताप सिंह और ब्रिटेन निवासी मुंहबोली मां 68 वर्ष की जूली वेन्टले के साथ सूरकुटी स्थित सूर मंदिर दर्शन के लिए गए थे। सौरभ सिंह का आरोप है कि मंदिर परिसर में कुछ लाेगों ने मुंहबोली मां जूली वेन्टले पर आपत्तिजनक टिप्पणी की

विरोध करने पर परिसर के पास मौजूद युवकों ने दोनों के साथ धक्का मुक्की की। उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया। उन पर फावड़े से हमला करने का भी प्रयास किया यगा। उन्होंने 112 नंबर पर सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरोपितों ने पुलिस के सामने भी विरोध और अभद्रता की।

रुनकता चौकी से पहुंची पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ लिया। सौरभ सिंह का आरोप है कि पुलिस ने कुछ देर बाद दोनों आरोपितों को छोड़ दिया। जबकि उन्होंने आरोपितों द्वारा मारपीट से आई चोटें भी दिखाई थीं। इधर,अपने साथ हुए

घटनाक्रम से आहत होकर जूली वेन्टले 20 सितंबर को इंग्लैंड लौट गई। भानू प्रताप ने मामले में पुलिस आयुक्त के यहां शिकायत की है। मामले में इंस्पेक्टर सिकंदरा राजीव त्यागी का कहना है कि महिला से कोई अभद्रता नहीं हुई। साथ आए युवकों समेत कुछ लोग मंदिर के पास यमुना किनारे सेल्फी ले रहे थे

सुरक्षा कारणों से वहां मौजूद लोगों ने युवक को यमुना किनारे से हटकर सेल्फी लेने को कहा। युवकों के विरोध करने पर कहासुनी हाे गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस को भी आपस में राजीनामा होने की बताकर कोई तहरीर नहीं दी गई थी।