आगरा, जेएनएन। लॉकडाउन के चलते सर्वोच्‍च अदालत के आदेश पर जेल में निरुद्ध कैदियों को रिहा किया जा रहा है। इसे देखते हुए मैनपुरी जिला जेल से सोमवार को 40 कैदी रिहा किये गए। लॉकडाउन के चलते अदालतों में काम नहीं हो रहा है। जिसके कारण मामूली सजा के मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को भी जमानत नहीं मिल पा रही। इसी को देखते हुए उच्च न्यायालय ने ऐसे मामलों में जेल अधिकारियों कार्रवाई करने का निर्देश दिया हुआ है। सर्वोच्‍च अदालत के निर्देश पर मैनपुरी जिला कारागार में तैयार की गई 58 बंदियों की सूची से महिला सहित 40 बंदियों को सोमवार सुबह रिहा कर दिया गया। इनमें से दाे बंदी नोएडा के रहने वाले हैं। वहीं महिला बंदी कानपुर देहात की निवासी है। रिहा बंदियों को उनके घराें तक भेजने के लिए वाहन का इंतजाम किया जा रहा है। जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि सात साल से कम सजा वाले बंदियों को अंतरित जमानत पर आठ सप्ताह के लिए रिहा किया जा रहा है। सभी से मुचलके भरवाए गए हैं।

वहीं इससे पूर्व रविवार को आगरा जिला जेल से 299 बंदियों को आठ सप्‍ताह के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। जेल प्रशासन ने बंदियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए पुलिस लाइन से वाहनों की व्‍यवस्‍था की थी थी। इसमें शारीरिक दूरी का भी ख्‍याल रखा गया। सर्वोच्‍च अदालत न्‍यायालय ने बीते दिनों ऐसे बंदियों कोपैरोल देने के निर्देश दिए थे। जिनके अपराध की अधिकतम सजा सात साल तक है। शनिवार को न्‍यायिक अधिकारियों ने इन बंदियों को अंतरिम जमानत दे दी। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा ने बताया कि रविवार को इन सभी को रिहा कर दिया गया। बंदियों को को पुलिस लाइन से वाहन बुलाकर उससे भेजने की व्‍यवस्‍था की गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद से महामारी के इस वक्‍त में कैदी अपनों के बीच पहुंचकर राहत महसूस कर रहे हैं।  

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस