जागरण संवाददाता, आगरा : खातीपाड़ा के लोग पानी के लिए रोज लंबी लाइन में लगने को मजबूर हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग और महिलाओं को घंटों तक लाइन में खड़े रहना पड़ता है। कई बार झगड़े तक की नौबत आ जाती है लेकिन अब यह लोगों की दिनचर्या बन चुका है।

लोहामंडी के खातीपाड़ा की आबादी 20 हजार से अधिक है। यहां पानी के लिए लोग पाइप लाइन के पानी पर ही निर्भर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अक्सर पानी नहीं आता, अगर पानी आ भी जाए तो प्रेशर कम होने के कारण मोटर चलाने पर भी टंकी तक पानी नहीं पहुंच पाता। इलाके के सभी हैंडपंप खराब पड़े हैं। स्थानीय निवासी नेमीचंद ने बताया कि इलाके में सिर्फ एक सरकारी सबमरसिबल लगी है। इसी से लोगों को अपना गुजारा करना पड़ रहा है। इस सबमरसिबल से खातीपाड़ा, बेसनबस्ती, जटपुरा, गुर्जर तोपखाना, बसईपाड़ा, गुदड़ी, कटघर आदि इलाकों के लोग पानी भरते हैं। आए दिन यहां पानी को लेकर झगड़े होते हैं। कई बार विभाग को इसकी शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। -पानी के लिए लोगों को रोज समस्या का सामना करना पड़ता है। पानी का प्रेशर कम रहता है। कई घरों में पानी आता ही नहीं है।

गिलोबर पानी की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। सुबह उठते ही पानी के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है। कई बार जरूरी काम छूट जाते हैं।

मोहन सिंह घर के काम छोड़कर पानी के लिए लाइन में लगना पड़ता है। पानी का इंतजाम करने में ही इतना समय निकल जाता है कि घर के जरूरी काम नहीं हो पाते।

द्रोपदी कई बार शिकायत की जा चुकी है। न हैंडपंप ठीक हो रहे हैं और न ही पानी आता है। एक सबमरसिबल पर हजारों लोग निर्भर हैं।

ओमकार राजपूत

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