आगरा जयपुर हाईवे किनारे दफनाया शव, NHAI ने मंत्रालय तक पहुंचाया मामला
आगरा-जयपुर हाईवे किनारे शव दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जहां एनएचएआई ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप ...और पढ़ें

आगरा जयपुर हाईवे के किनारे दफनाया गया शव।
HighLights
एनएचएआई ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया।
पुलिस के दखल से शांति बनी, मामला मंत्रालय तक पहुंचा।
संवाद सूत्र, किरावली (आगरा)। आगरा जयपुर हाईवे किनारे पड़ी खाली जमीन पर शव दफनाने से विवाद पैदा हो गया है। किरावली तहसील स्थित बहेड़ी मुस्लिम मोहल्ला निवासी 70 वर्षीय टेलर लतीफ उर्फ शराफत हुसैन पुत्र हसन्ना की बुधवार अपराह्न मौत हो गई।
देर रात करीब नौ बजे परिजन शव को सिपुर्द-ए-खाक करने के लिए अभुआपुरा स्थित बिजलीघर के पास आगरा-जयपुर हाईवे किनारे पहुंचे और सड़क से पांच फीट की दूरी पर गड्ढा खोदना शुरू कर दिया। स्थानीय युवकों द्वारा सड़क किनारे सरकारी जमीन होने का हवाला देकर विरोध करने पर माहौल गरमा गया।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने नाले के पास गड्ढा खोदकर शव को दफनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
एनएचएआई (NHAI) के सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह का कहना है कि हाईवे के डिवाइडर से 65 मीटर तक की जगह एनएचएआई की है और नाला भी सरकारी जमीन पर बना है, ऐसे में वहां किसी अन्य पक्ष की जमीन होने का सवाल ही नहीं उठता।
वहीं, टोल मैनेजर जगमोहन गौतम ने बताया कि मुस्लिम पक्ष द्वारा जबरन एनएचएआई की जमीन पर शव दफनाया गया है, जिसकी शिकायत मीडिया पोर्टल के जरिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में दर्ज कराई गई है। दूसरी तरफ, परिजनों का दावा है कि वहां उनकी तीन बीघा जमीन है और पहले से कब्रें बनी हुई हैं।
थाना प्रभारी के निर्देश पर ही तय स्थान से पीछे गड्ढा खोदा गया था। मामले में एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस ने तत्काल पहुंचकर एनएचएआई टीम के निर्देशन में सर्वे कराया और परिजनों द्वारा पूर्व से बने कब्रिस्तान में ही शव दफनाया गया। वर्तमान में मौके पर शांति व कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
