आगरा: अपर मुख्य सचिव महेश गुप्ता ने मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में औचक निरीक्षण किया। डीआइओएस ऑफिस में प्रशासनिक अधिकारी उनके सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। वहीं बीएसए कार्यालय में नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने उनके सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी। इससे वह उखड़ गए और दोनों जगह कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

सुबह दस बजते ही अपर मुख्य सचिव डीएम एनजी रवि कुमार और सीडीओ रविंद्र कुमार के साथ डीआइओएस ऑफिस पहुंचे। यहां प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय में फाइलों की स्थिति और धूल मिंट्टी देखकर फटकार भी लगाई। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा, तो कार्यालय के प्रधान सहायक के सामने (आकस्मिक अवकाश) सीएल लिखा देखकर वह रुक गए। उन्होंने उनकी सीएल देखना शुरू किया, तो जनवरी से अब तक 28 सीएल देखकर बिफर गए, क्योंकि साल में 12 सीएल का ही प्रावधान है। इस पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। वहां रखे प्रार्थना पत्रों को देखा, तो उन्हें रजिस्टर में न चढ़ा देख दोबारा डांट लगाई। गत वर्ष परीक्षा प्रभारी के छह माह से अनुपस्थित होने पर कोई नोटिस जारी न करने पर भी उन्होंने डांट लगाई। अधिवेशन के दौरान ज्यादा छुंट्टी लेने पर कर्मचारी संघ पदाधिकारी से पूछताछ की, कार्यालय में गुटखा खाकर काम करने के कारण उन्हें डीएम ने फटकार लगाई।

अभ्यर्थियों ने घेरे बीएसए : जैसे ही अपर मुख्य सचिव बीएसए कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही शिक्षक भर्ती के नियुक्ति पत्रों की मांग कर रहे अभ्यर्थी नारेबाजी करने लगे। उन्होंने बीएसए को घेर लिया। इस पर डीएम ने बीएसए को फटकार लगाई। अपर मुख्य सचिव ने मामूली त्रुटियों वाले मामलों में अभ्यर्थियों से लिखित वादा (अंडरटेकिंग) लेकर नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश दिए।

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