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गजब...मान्यता मदरसे की, बोर्ड हाईस्कूल का और संचालित हो रही अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं; आगरा में फर्जीवाड़ा

By Sumit Kumar Dwivedi Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 10 Sep 2026 01:52 PM (IST)

आगरा में 73 मदरसों को अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं चलाने के आरोप में नोटिस जारी किए गए हैं, क्योंकि उनकी ...और पढ़ें

आगरा में मिढ़ाकुर और बिचपुरी में मदरसा की मान्यता लेकर संचालित स्कूल।

आगरा में मिढ़ाकुर और बिचपुरी में मदरसा की मान्यता लेकर संचालित स्कूल।

सुमित द्विवेदी, आगरा। जिले के 73 मदरसों को अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं चलाने के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। बुधवार को की गई पड़ताल में संचालकों की दोहरी व्यवस्था सामने आई। कई संस्थानों के बोर्ड पर हाई स्कूल का नाम लिखा मिला, कुछ में एजुकेशन अकादमी का नाम था, जबकि कई मदरसों में तो बोर्ड तक नहीं लगा था।

संचालक आधुनिक शिक्षा देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन कुछ संचालक बात करने से बच रहे हैं। वहीं, कुछ ने बताया संस्थान पहले ही बंद हाेने की बात कही। लड़ामदा स्थित एमएमएलयू हाईस्कूल के बोर्ड पर मदरसा का कोई जिक्र नहीं है, केवल स्कूल लिखा है। यहां प्लेग्रुप से कक्षा दसवीं तक शिक्षा देने का दावा किया गया है

प्रधानाचार्य इमामुद्दीन उस्मानी ने बताया कि उनके स्कूल में 125 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। संस्थान की मान्यता वर्ष 2013 में प्रदेश सरकार से प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलाव जरूरी है, इसलिए बच्चों को केवल उर्दू नहीं, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी भी पढ़ाई जाती है।

यहां पुरानी मदरसा मान्यता के तहत स्कूल जैसा ढांचा खड़ा किया गया है। नाम हाई स्कूल का है, लेकिन दाखिला प्लेग्रुप से दसवीं तक बताया जा रहा है और विषय भी अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूल की तरह गिनाए जा रहे हैं। मिढ़ाकुर स्थित एमबीपी एजुकेशन अकादमी पर भी यही तरीका दिखा। संस्थान के नाम में मदरसा नहीं, एजुकेशन अकादमी लिखा है।

संचालक सलमान शेख ने बात करने से मना किया। फतेहपुर सीकरी के गांव दूरा में मदरसा मौला बक्स अरबिक के नाम से कोई संस्थान संचालित नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भूरा मास्टर यहां मदरसे का स्कूल चलाते थे। भूरा मास्टर का पूरा नाम अब्दुल जब्बार है

उन्होंने बताया कि अगस्त 2011 में मदरसा स्कूल की मान्यता ली गई थी, लेकिन क्षेत्र में बच्चों की कमी और रुचि न होने से कक्षाएं ठीक से नहीं चलीं। दो वर्ष पहले मदरसा स्कूल पूरी तरह बंद कर दिया गया और लिखित सूचना विभाग को दे दी गई।

ये हैं नियम

अंग्रेजी माध्यम मदरसा चलाने के लिए नियमों के अनुसार, मदरसा बोर्ड की मान्यता केवल निर्धारित मदरसा पाठ्यक्रम के लिए होती है। प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं चलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से अलग मान्यता, एनओसी या संबद्धता अनिवार्य है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बिना मान्यता स्कूल संचालित करना नियम का उल्लंघन है। बीएसए डा. राकेश सिंह ने बताया इसी आधार पर 73 मदरसों को नोटिस दिया गया है

तीन दिन में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण और अमान्य कक्षाएं तत्काल बंद करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना और उल्लंघन जारी रहने पर प्रतिदिन दस हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड लगाया जा सकता है।