ग्रीन गैस के 75 हजार उपभोक्ताओं का डाटा हैक, आगरा में साइबर अपराधी रोजाना बना रहे निशाना
आगरा में ग्रीन गैस के 75,000 से अधिक उपभोक्ता साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं, जहां पुलिसकर्मी समेत कई लोगों ...और पढ़ें

आगरा में पीएनजी उपभोक्ताओं के पास इस नंबर से कॉल और मैसेज आ रहे हैं।
अली अब्बास, आगरा। पुलिस लाइन आवास परिसर में रहने वाले पुलिसकर्मी पर ग्रीन गैस का सीआरएन नंबर अपडेट कराने का मैसेज मोबाइल पर आया। वाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर उसमें मांगी जानकारी भरने को कहा गया। एपीके फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो गया।
पुलिसकर्मी के बैंक खाते से डेढ़ लाख से अधिक रुपये निकल गए। यह सिर्फ एक उदाहरण भर है, शहर के 75 हजार से अधिक ग्रीन गैस के उपभोक्ता साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं। पुलिसकर्मी से लेकर कारोबारी और वृद्ध उपभोक्ताओं को साइबर अपराधी निशाना बना रहे हैं।
एक से 18 सितंबर के दौरान 30 से अधिक मामले साइबर क्राइम सेल पहुंच चुके हैं। साइबर क्राइम सेल ग्रीन गैस के उपभोक्ताओं का डाटा साइबर अपराधियों के पास पहुंचने की जांच कर रही है। शहर में 1.10 लाख ग्रीन गैस कनेक्शन धारक ह्रैं। जिनमें 75 हजार से अधिक सक्रिय उपभोक्ता हैं। साइबर अपराधियों के पास इन सभी का डाटा है।
वह उपभोक्ता को कभी सीआरएन नंबर, कभी ऑनलाइन गैस कनेक्शन संख्या अपडेट करने एवं बिल जमा करने का मैसेज भेजकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। दयालबाग की पुष्पांजलि बाग कालोनी के एक दर्जन से अधिक लोगों को कनेक्शन अपडेट करने का मैसेज भेज दिया।
कालोनी वालों ने वाट्सएप ग्रुप पर जीजीएल एजेंसी लिमिटेड आफिस के नाम से आए मैसेज को शेयर किया तो पता चला कि यह साइबर अपराधियों ने भेजा है। साइबर क्राइम सेल उपभोक्ताओं को जागरूक करने के साथ ही इस बात की जांच भी कर रही है कि उपभोक्ताओं का डाटा अपराधियों तक कैसे पहुंचा। इसकी तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
साइबर अपराधियों द्वारा अब तक 50 लाख से अधिक रुपये की ठगी ग्रीन गैस कनेक्शन धारकों के साथ की जा चुकी है। इन सभी ने साइबर क्राइम सेल और थाने में शिकायत की है।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के साथ ही ग्रीन गैस उपभोक्ताओं का डाटा साइबर अपराधियों तक कैसे पहुंचा इसकी भी जांच की जा रही है। कोई भी एपीके फाइल डाउनलो न करें, भले ही वह आपके परिचित द्वारा भेजा गया हो। साइबर अपराधी आपका मोबाइल हैक करके बैक खाते से रकम निकाल सकते हैं।
ऐसे बचें
- कोई भी एपीके फाइल डाउनलोड न करें, भले ही वह आपके परिचित द्वारा भेजा गया हो। साइबर अपराधी आपका मोबाइल हैक करके बैक खाते से रकम निकाल सकते हैं।
- अपरिचित काॅल से बचने के लिए सेटिंग में जाकर उसे ब्लाक कर सकते हैं।
- अपने मोबाइल नंबर, जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं।
- वाट्सएप पर अपनी लोकेशन और इंस्टाग्राम, फेसबुक पर फोटो शेयर नहीं करें।
