10 हजार में बेची बच्ची, ममेरी बहन ही निकली सौदागर, आगरा के स्टेशन पर मिली थी बिहार की लड़की
आगरा के फोर्ट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने बिहार की 12 वर्षीय बालिका को मानव तस्करी से बचाया था। उसकी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
आगरा स्टेशन पर 12 वर्षीय बालिका को आरपीएफ ने बचाया।
बालिका को बीकानेर के 35 वर्षीय व्यक्ति ने खरीदा था।
जागरण संवाददाता, आगरा। फोर्ट रेलवे स्टेशन पर 12 जुलाई की रात आरपीएफ द्वारा मुक्त कराई गई बिहार की रहने वाली 12 वर्ष की बालिका का सौदा उसकी ममेरी बहन ने दस हजार रुपये में कराया था। बालिका को बीकानेर के गंगा शहर निवासी 35 वर्ष के गोपाल गहलोत ने खरीदा था। वह शादी करने के बाद उसे अपने साथ बीकानेर लेकर जा रहा था।
बिहार के पूर्णिया जिले की निवासी बालिका ने काउंसलिंग में पुलिस को बताया कि वह चार बहन और दो भाइयों में तीसरे स्थान पर है। माता-पिता मजदूरी करते हैं। परिवार बेहद गरीब है। बीकानेर के गंगा शहर की रहने वाली ममेरी बहन शिम्पी पत्नी गौरी शंकर ने एक महीने पहले रिश्ता तय कराया था। ममेरी बहन ने माता-पिता को बताया कि गोपाल उसे अच्छे से रखेगा।
एक सप्ताह पहले ममेरी बहन गोपाल को लेकर गांव आयी। उसकी शादी कराई, गोपाल ने शादी के लिए माता-पिता को दस हजार रुपये दिए थे। बालिका का कहना था कि वह मां के पास घर जाना चाहती है। मामले में मानव तस्करी निरोधक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसीपी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि बालिका को स्वजन के सिपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
