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आगरा में बोगस फर्म से आपूर्ति दिखाकर क्लेम की 7.77 करोड़ की आइटीसी, मुकदमा हुआ दर्ज

By Nirlosh Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 25 Aug 2026 02:58 PM (GMT+05:30)

आगरा में स्टार ट्रेडर्स के पवन सिंह नेगी पर बोगस फर्म से 7.77 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, आगरा। बोगस फर्म द्वारा जारी कागजी बिलों से 7.77 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) लेने के आरोप में मैसर्स स्टार ट्रेडर्स के पवन सिंह नेगी के विरुद्ध लोहामंडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अलीगढ़ की फर्म मैसर्स शिव ट्रेडिंग से 43.16 करोड़ रुपये की आंतरिक आपूर्ति (इनवर्ड सप्लाई) का दावा कर 7.77 करोड़ रुपये की आइटीसी प्राप्त की गई। इसे बाह्य आपूर्ति (आउटवर्ड सप्लाई) की करदेयता में समायोजित कर लिया गया। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) की जांच में अलीगढ़ की फर्म बोगस पाई गई।

सीजीएसटी में पंजीकृत फर्म मैसर्स स्टार ट्रेडर्स, वजीरपुरा रोड द्वितीय तल एफसीआइ बिल्डिंग संजय प्लेस के आनलाइन अभिलेखों की जांच एसजीएसटी ने की। फर्म ने लोहा और स्टील की खरीद-बिक्री को 11 सितंबर, 2019 को पंजीकरण कराया था। फर्म स्वामी पवन सिंह नेगी ने स्थानीय पता दरगाह रोड नेहरू नगर दर्शाया

पंजीकरण कराने के लिए बिजली का बिल प्रयोग किया गया। फर्म ने कागजों में अलीगढ़ के समद रोड की मैसर्स शिव ट्रेडिंग कंपनी से 43 करोड़ 16 लाख रुपये की इनवर्ड सप्लाई दिखाई। इस पर एसजीएसटी से 3.88 करोड़ रुपये और सीजीएसटी से 3.88 करोड़ रुपये की आइटीसी क्लेम की। विक्रेता फर्म शिव ट्रेडिंग कंपनी की जांच सहायक आयुक्त वाणिज्य कर खंड छह संभाग-ए अलीगढ़ ने की।

व्यापारी द्वारा घोषित व्यापार स्थल पर ना तो कोई व्यापारिक गतिविधि मिली और ना ही स्टाॅक व अभिलेख पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि फर्म द्वारा ना तो कोई काम किया जा रहा है और ना ही माल का परिवहन किया जा रहा है। इनवाइस का आदान प्रदान कर नियम विरुद्ध आइटीसी पास आन की गई है

स्टार ट्रेडर्स ने सभी बिल शिव ट्रेडिंग कंपनी से प्राप्त किए थे। आपूर्तिकर्ता फर्म के बोगस होने से स्पष्ट हुआ कि माल की वास्तविक आपूर्ति नहीं की गई है। स्टार ट्रेडर्स ने वस्तुओं और सेवाओं को प्राप्त किए बिना आइटीसी का दावा कर कपटपूर्ण ढंग से आइटीसी प्राप्त की।

विभाग नेे शिव ट्रेडर्स को वर्ष 2021 में फरवरी, जून और अक्टूबर में नोटिस जारी किए। कर के 7.77 करोड़ रुपये, जुर्माना के 7.77 करोड़ रुपये और नियमानुसार ब्याज की मांग की गई। कारोबारी ने कोई जवाब नहीं दिया, जिस पर फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया।

विभाग को 7.77 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाने पर एसजीएसटी के खंड-आठ के राज्य कर अधिकारी जगदीश प्रसाद ने लोहामंडी थाना में पवन सिंह नेगी के विरुद्ध दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।