चमक उठेगा जोधाबाई पैलेस, फतेहपुरसीकरी में केमिकल क्लीनिंग कराएगा ASI
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) फतेहपुर सीकरी स्थित विश्व धरोहर जोधाबाई पैलेस में 22 लाख रुपये की लागत से केमिकल क्लीनिंग ...और पढ़ें

फतेहपुरसीकरी स्थिति जोधाबाई पैलेस।
जागरण संवाददाता, आगरा। विश्व धरोहर स्थल फतेहपुर सीकरी स्थित जोधाबाई पैलेस में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की रसायन शाखा केमिकल क्लीनिंग और प्रिजर्वेशन का काम करेगी। लाल बलुआ पत्थरों (रेड सैंड स्टोन) से बने स्मारक में पहले चरण में करीब 22 लाख रुपये की लागत से प्रथम तल पर काम किया जाएगा।
केमिकल क्लीनिंग कर जहां काले पड़े पत्थरों को साफ कर चमकाया जाएगा, वहीं केमिकल प्रिजर्वेशन कर उन्हें मजबूत बनाया जाएगा। स्मारक के प्रथम तल पर नवंबर में इस काम की शुरुआत हो सकती है। इसमें करीब चार माह का समय लग सकता है।
फतेहपुर सीकरी में महल परिसर में जोधाबाई पैलेस है। दो मंजिला स्मारक लाल बलुआ पत्थरों से बना हुआ है। इसके बाहर की तरफ झरोखे और ऊपर बुर्जियां हैं। इसकी दीवारें बाहर की तरफ काई लगने की वजह से जगह-जगह से काली पड़ गई हैं, जिससे पर्यटकों के मध्य स्मारक की छवि खराब होती है।
एएसआइ की रसायन शाखा ने जोधाबाई पैलेस को मुगलकालीन रंगत लौटाने की योजना को एनुअल कंजर्वेशन प्लान में शामिल किया था। पहले चरण में स्मारक के प्रथम तल की आंतरिक और बाहरी दीवार के पत्थरों को केमिकल क्लीनिंग कर साफ किया जाएगा। केमिकल प्रिजर्वेशन कर पत्थरों को मजबूत किया जाएगा, जिससे कि वह नमी की वजह से अधिक ख्रराब नहीं होंग।
अक्टूबर से यहां काम शुरू करने की योजना थी। विभाग द्वारा किए गए टेंडर में करीब 600 फर्मोें ने भाग लिया है, जिससे उनकी जांच में समय अधिक लग रहा है। नवंबर में दीपावली के बाद यहां काम शुरू किया जा सकता है। इससे पूर्व एएसआइ की रसायन शाखा बुलंद दरवाजा, दरगाह परिसर और दरगाह में मडपैक, केमिकल क्लीनिंग और केमिकल प्रिजर्वेशन का काम बीते छह-सात वर्षों में कर चुकी है।
