आगरा में कबाड़ के बीच छिपी मिलीं 5 करोड़ की नकली दवाइयां, एक गिरफ्तार
आगरा में औषधि विभाग ने कबाड़ के बीच छिपाकर रखी 5 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त कीं और एक ...और पढ़ें
-1790718932533_m.webp)
यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
आगरा में 5 करोड़ की नकली दवाएं जब्त की गईं।
कबाड़ के बीच खंडहर कमरे में छिपाई गई थीं दवाएं।
एक आरोपी इकरार गिरफ्तार, कई अवैध गोदाम चिन्हित।
जागरण संवाददाता, आगरा। खंडहर कमरे में कबाड़ के बीच रखे पांच करोड़ की दवाएं जब्त कर औषधि विभाग की टीम एक आरोपित को पकड़ा है। इनमें मधुमेह की टैबलेट एमारिल, दर्द निवारक दवाएं केटोराल, एंटी एलर्जिक एलिग्रा, एलिग्रा एम, ह्रदय रोग की दवा कार्डेस, लोसर-एच सहित एक दर्जन दवाएं शामिल हैं। पूछताछ के बाद दर्जनभर अवैध गोदाम चिन्हित कर छापेमारी की जा रही है।
22 से 24 मई और 12 से 14 जून तक दवा बाजार में औषधि विभाग ने छापेमारी की थी। इसके दौरान कई दवा कारोबारी गोदाम बंद कर भाग गए थे। अभियान थमने के बाद नकली दवा सिंडिकेट ने दवाओं को देहात और कालोनियों में अवैध गोदाम और कमरों में छिपा दिया था।
गोपनीय रूप से सुराग लगाने में जुटी टीम को धनौली के एक गोदाम के बारे में जानकारी मिली। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मंगलवार सुबह नौ बजे धनौली में इकरार के घर पर छापेमारी की। उसके घर के बगल में खंडहर कमरे में आगे टिन शेड डली हुई थी और कबाड़ भरा था। कमरा करीब 10 फुट चौड़ा और 12 फुट लंबा है।
ईंट और मिट्टी से बने इस जर्जर कमरे के दो दरवाजे हैं, जो काफी पुराने और क्षतिग्रस्त हालत में हैं। कमरे में दवाओं के साथ क्षतिग्रस्त बाइक, टूटा सोफा, पुरानी साइकिल और अन्य कबाड़ भी भरा हुआ था। इसी कबाड़ के बीच दवाओं के कार्टन रखे हुए थे।
दवाइयां नकली होने का शक है, इनके सैंपल लिए गए हैं। इकरार से पूछताछ के बाद कई और अवैध गोदामों का पता चला है। बताया गया है कि इकरार चार वर्ष पूर्व दवा कारोबार में उतरा था।
