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आगरा में पूर्व सैनिकों से जमीन दिलाने के नाम पर 14.50 लाख की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:44 PM (IST)

आगरा में जमीन दिलाने के नाम पर तीन पूर्व सैनिकों से 14.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

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HighLights

  1. तीन पूर्व सैनिकों से जमीन के नाम पर 14.50 लाख ठगे गए।

  2. पुलिस कमिश्नर के आदेश पर किरावली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।

  3. पीड़ितों ने पुलिस रिपोर्ट में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच मांगी।

जागरण संवाददाता, आगरा। जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और 14.50 लाख रुपये हड़पने का एक मामला सामने आया है। थाना किरावली क्षेत्र के नगला बीच निवासी तीन सेवानिवृत्त फौजियों- बलबीर सिंह, प्रेम सिंह और भजन सिंह पुत्रगण अतर सिंह ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष पुनः जांच कराकर और न्याय की गुहार लगाई है। कमिश्नर के आदेश में थाना किरावली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पीड़ित पूर्व सैनिकों के अनुसार, गांव के ही निवासी मुरारीलाल उर्फ बंटी पुत्र मोहन सिंह और मोहन सिंह उर्फ मुकेश सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह ने जमीन दिलाने का झांसा देकर उनसे कुल 14.50 लाख रुपये लिए।

इसमें बलबीर सिंह से पांच लाख, प्रेम सिंह से पांच लाख और भजन सिंह से साढ़े चार लाख रुपये लिए गए। कुछ धनराशि आरोपित बंटी की पत्नी गुड़िया के बैंक खाते में आनलाइन भी ट्रांसफर कराई गई थी।

आरोप है कि लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को न तो जमीन दी गई और न ही पैसे वापस किए गए। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में थाना, एसीपी कार्यालय और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन हर बार पुलिस के बुलाने पर विपक्षी पार्टी थाने या एसीपी कार्यालय नहीं पहुंची।

पीड़ितों का आरोप है कि दोनों पक्षों की आमने-सामने सुनवाई किए बिना ही पुलिस ने गलत रिपोर्ट तैयार कर पोर्टल पर अपलोड कर दी, जिसकी जानकारी उन्हें पोर्टल के माध्यम से हुई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2019 में भजन सिंह ने अपनी पत्नी के नाम से मोहन सिंह और उनकी माता से एक जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज पूरी तरह संपन्न हो चुका है और उस पर कोई पैसा बकाया नहीं था।

वर्तमान विवाद वर्ष 2020 से 2024 के बीच दूसरी भूमि के नाम पर ली गई धनराशि से संबंधित है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है।

आरोप है कि पुलिस रिपोर्ट में 2019 की पुरानी रजिस्ट्री को वर्तमान विवादित राशि से जोड़कर मामले को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। पीड़ित पूर्व सैनिकों ने पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर बकाया पैसा वापस दिलाए जाने की मांग की है।