फतेहाबाद: प्रदेशव्यापी निषाद आंदोलन के चलते फतेहाबाद-बाह ट्रैक पर गुरुवार सुबह आंदोलनकारियों ने कब्जा कर लिया। इससे आगरा-इटावा पैसेंजर के पहिये थम गए। आंदोलन कर रहे लोगों ने राज्यपाल के नाम प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन दिया। इस कारण ट्रेन 10 मिनट विलंब से रवाना हो सकी।

गुरुवार सुबह निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंडलाध्यक्ष बाबा बालक दास के नेतृत्व में ट्रैक पर पहुंच गए। पूर्व घोषणा के कारण पुलिस फोर्स स्टेशन पर तैनात था। कार्यकर्ताओं ने अपना प्लान बदल इटावा से आ रही पैसेंजर रेलगाड़ी को स्टेशन से दो किलोमीटर पहले फतेहाबाद-बाह मार्ग स्थित लोहिया पेट्रोल पंप के सामने रोक लिया। सूचना मिलते ही फतेहाबाद पुलिस एवं आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। बाबा बालक दास ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रभारी निरीक्षक बीआर दीक्षित को सौंपते हुए अवगत कराया कि मछुआ समुदाय की सभी पर्यायवाची जातियों को शासनादेश 21 दिसंबर 2016 को अनुसूचित जाति के रूप में परिभाषित करना आदेशित है। साथ ही 31 दिसंबर 2016 के आदेशानुसार मछुआ समुदाय की सभी जातियों कहार, कश्यप, मल्लाह, केवट, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीमर, बिन्द, राजभर, बाथम, तुरहा, गोडिया, माझी, मछुआ आदि को ओबीसी की सूची से निकाल कर अनुसूचित जाति की सुविधा दी जाए। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 29 मार्च 2017 को स्टे हटाकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाने का आदेश जारी किया है, लेकिन तहसीलों में आवेदन करने पर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।

ये रहे मौजूद

इस दौरान होतम सिंह, कमल सिंह निषाद, अमर सिंह, उत्तम सिंह, विजय सिंह निषाद, राजकुमार निषाद, दिवारी लाल, लीलाधर, श्री राम, संजय आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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