विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसएन के जूनियर डॉक्टर को डेंगू, ठेकेदार की मौत

By JagranEdited By:
Published: Wed, 26 Sep 2018 06:30 AM (IST)

जागरण संवाददाता, आगरा: डेंगू से ठेकेदार की मौत हो गई। मंगलवार को एसएन के जूनियर डॉक्टटर को डेंगू हो गया। उधर डेंगू से एक ठेकेदार की मौत हो गई।

एसएन के जूनियर डॉक्टर को डेंगू, ठेकेदार की मौत
एसएन के जूनियर डॉक्टर को डेंगू, ठेकेदार की मौत

जागरण संवाददाता, आगरा: डेंगू से ठेकेदार की मौत हो गई। मंगलवार को एसएन के जूनियर डॉक्टर, कासगंज जिला जेल में निरुद्ध कैदी सहित डेंगू के तीन मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें एक संदिग्ध मरीज है।

न्यू आगरा निवासी ठेकेदार सतीश शर्मा (38) को 18 सितंबर को बुखार आया था। उनके गले में ट्यूमर होने पर कई महीने से एम्स, दिल्ली में इलाज चल रहा था। ऐसे में परिजन उन्हें एम्स ले गए। 22 सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया। यहां भगवान टॉकीज स्थित जसवंत हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। सोमवार को प्लेटलेट काउंट आठ हजार पहुंचने के साथ नाक से ब्लीडिंग होने लगी। सुबह चार बजे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

उधर, एसएन के डेंगू वार्ड में हॉस्टल से बाहर निजी कमरा लेकर रह रहे अरुणाचल प्रदेश निवासी जूनियर डॉक्टर (एमबीबीएस छात्र) को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है, इलाज से तबीयत में सुधार है। वहीं, जिला जेल कासगंज में निरुद्ध कैदी को बुखार आने पर भर्ती किया था। उसकी जांच में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। एक मरीज को निजी लैब में डेंगू पॉजिटिव आने पर भर्ती किया है। इसकी जांच कराई गई है। वहीं, दो दिन बारिश के बाद वायरल बुखार के केस बढ़ गए हैं। एसएन, जिला अस्पताल और निजी क्लीनिक और हॉस्पिटल में बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। इस बार मलेरिया के केस भी आ रहे हैं।

एसएन के हॉस्टल में मच्छरों का आतंक

पिछले सालों में एसएन के मेडिकल छात्रों में डेंगू फैल चुका है। यहां गंदगी के साथ हॉस्टल में जलभराव है। पंत हॉस्टल, सीनियर ब्वॉयज हॉस्टल, गर्ल हॉस्टल में मच्छरों का आतंक है। ये हैं लक्षण

मलेरिया - अधिकांश केस में ठंड लगकर एक दिन छोड़कर बुखार आना, दिन में दो बार भी बुखार आ सकता है। कुछ केस में ठंड लगे बिना भी बुखार आ सकता है। भूख ना लगना, पेट दर्द होना।

डेंगू - आंख और सिर में दर्द के साथ तेज बुखार, शरीर में टूटन और चकत्ते पड़ना।

वायरल - शरीर में तेज दर्द, बुखार, सर्दी जुकाम और खांसी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े

डेंगू - 17

मलेरिया - 34 मरीजों के इलाज और जांच की व्यवस्था एसएन और जिला अस्पताल में की गई है। वायरल, मलेरिया और डेंगू इलाज से ठीक हो जाता है। इससे घबराए नहीं। मच्छरों से बचें।

डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ