आगरा, जागरण संवाददाता। नियम और कानून तोड़ने के लिए क्या क्या हथकंडे लोग अपनाते हैं, ये उसकी एक बानगी है। चालक ने बस के चालान के बाद नंबर प्लेट पर पत्ती लगाकर उसे छिपा दिया था। जिसके बाद उसमें क्षमता से अधिक सवारियां भरकर दौड़ा रहा था। पुलिस ने बस को पकड़ा तो चालक के पास ड्राईविंग लाइसेंस भी मिला। मामले में पुलिस ने चालक के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी लिखाई है।

राजस्थान नंबर की बस रात काे साईं की तकिया चौराहे से नामनेर मार्ग की ओर मुड़ी। चालक बस को लापरवाही और तेज रफ्तार से दौड़ा रहा था। यह देख गश्त करती रकाबगंज पुलिस ने उसे पीछा कर रोक लिया। बस का नंबर देखा तो उसमें आगे की नंबर प्लेट पर लोहे की पत्ती लगी हुई थी। जिससे बस के नंबर छिप गए थे, वह स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहे थे। बस पर अशोका वीरेंद्र जनता लिखा हुआ था।

पुलिस ने छानबीन की तो बस का यातायात निरीक्षक ने कुछ दिन पहले बालूगंज चौराहे पर चालान किया था। उसे चेतावनी भी दी गई थी। जिसके बावजूद ट्रैवल्स एजेंसी संचालक ने नियमों का उल्लंघन किया था। बस में क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई थीं। चालक नो एंट्री में बस को जगह-जगह रोक कर सवारियां उतार और चढ़ा रहा था। थाना प्रभारी रकाबगंज राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में धारा 144 के उल्लघंन, गलत तरीके से वाहन चलाने व धोखाधड़ी की प्राथमिकी लिखी गई है। जिसमें गोविंद सिंह और वीरेंद्र निवासी भरतपुर को आरोपित बनाया गया है। 

Edited By: Prateek Gupta