'गदर' दिखाने पर डेढ़ साल की सजा, आगरा कोर्ट ने 25 साल बाद सुनाया फैसला
आगरा की एक अदालत ने 25 साल पुराने 'गदर' फिल्म के अवैध प्रदर्शन मामले में केबल नेटवर्क संचालक ब्रजमोहन को ...और पढ़ें

गदर मूवी का एक दृश्य, जिसे देख दर्शकों के रौंगटे खड़े हो गए थे।
जागरण संवाददाता, आगरा। 25 साल पहले गदर फिल्म दिखाने के मामले में दोषी केबल नेटवर्क संचालक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शारिब अली ने डेढ़ वर्ष की सजा सुनाई है। उस पर साढ़े तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
केबल नेटवर्क संचालक के विरुद्ध मनोरंजन कर विभाग द्वारा काॅपी राइट एक्ट एवं उत्तर प्रदेश चलचित्र विनियमन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले के अनुसार रकाबगंज थाने में तत्कालीन सहायक मनोरंजन कर आयुक्त जीपी अहिरवार से ज्वाला टाकीज के संचालक हकीकत राय मल्होत्रा और मैनेजर चांद खां ने जून 2025 में शिकायत की थी।
आरोप लगाया कि काजीपाड़ा निवासी बिरजू केबल नेटवर्क का संचालक ब्रजमोहन द्वारा वीसीडी के माध्यम से अपने ग्राहकों को गैर कानूनी तरीके से गदर फिल्म दिखाई जा रही है।
इस पर सहायक मनोरंजन कर आयुक्त ने टीम के साथ 26 जून की शाम को छापा मारकर आरोपित ब्रज मोहन के बिरजू केबिल नेटवर्क से गदर फिल्म की सीडी, वीसीडी अन्य फिल्मों की सीडी, रजिस्टर आदि बरामद किए थे।
आरोपित के विरुद्ध काॅपीराइट एक्ट एवं उत्तर प्रदेश चल चित्र विनियमन अधिनियम के तहत रकाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। सीजेएम शारिब अली ने गवाहों के बयान एवं अभियोजन अधिकारी के तर्क पर घटना के 25 वर्ष बाद आरोपी को डेढ़ वर्ष की कैद एवं साढ़े तीन हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया।
