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कार में हाथ की नसें काटकर पड़ा था कर्ज से परेशान युवक, दारोगा ने बचा ली जान, आगरा की घटना

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:15 PM (IST)

आगरा में कर्ज से परेशान एक युवक ने अपनी कार में हाथ की नसें काटकर आत्महत्या का प्रयास किया।

चौकी प्रभारी प्राक्षी टावर कपिल कुमार।

चौकी प्रभारी प्राक्षी टावर कपिल कुमार।

HighLights

  1. युवक ने कर्ज से परेशान होकर कार में नसें काटीं।

  2. चौकी प्रभारी कपिल कुमार ने युवक को अस्पताल पहुंचाया।

  3. पुलिस की तत्परता से युवक की जान बच गई।

जागरण संवाददाता, आगरा। रात नौ बजे सुनसान सड़क और बंद लाइट खड़ी हुंडई औरा कार। गश्त पर निकले चौकी प्रभारी प्राक्षी टावर कपिल कुमार को कुछ शक हुआ। उन्होंने रुककर टार्च लगाई तो कार में बेसुध पड़े युवक के हाथ से खून बहता दिखा।

इसके बाद उन्होंने बिना देर किए कार का शीशा तोड़कर बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचा दिया। उनकी तत्परता से युवक की जान बच गई। कार से मिले सुसाइड नोट से पता चला कि युवक कर्ज से परेशान था। इसलिए उसने आत्महत्या करने को हाथ की नसें काटी थीं। दारोगा के जान बचाने का यह मामला इंटरनेट मीडिया पर सराहा जा रहा है।

यह है पूरा मामला

मामला सिकंदरा क्षेत्र के सुनारी के पास का है। किरावली के सहारा निवासी मनोज कुमार शनिवार रात नौ बजे अपनी टैक्सी परमिट की हुंडई औरा कार में हाथ की नसें काटने के बाद बेसुध पड़े थे। इसी बीच चौकी प्रभारी प्राक्षी टावर कपिल कुमार वहां होकर गश्त करते निकल रहे थे।

उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और मोबाइल की टार्च से देखा तो कार में ड्राइविंग सीट पर युवक बेसुध पड़ा दिखा। कार सेंट्रल लाक्ड थी। उन्होंने बाहर से डोर खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई हरकत नहीं हुई। ऐसे में कपिल ने पुलिस चौकी में काल करके फोर्स बुला लिया।

एसआई रामवीर सिंह, एसआई वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल नरेंद्र और नितिन वहां कुछ मिनट में ही पहुंच गए। कपिल ने कार का शीशा तोड़ा। इसके बाद कार अनलाक की। युवक को ड्राइविंग सीट से हटाकर पीछे लिटाया।

इसके बाद बिना देर किए उसी कार से पहले पास में स्थित जपनाम हास्पिटल लेकर पहुंचे। वहां हालत गंभीर बताते हुए उपचार करने से इनकार कर दिया। एसआई कपिल कुमार युवक को सीधे यथार्थ हास्पिटल लेकर पहुंचे।

युवक को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर है। कार की तलाश में पुलिस को आधार कार्ड और तीन पेज का सुसाइड नोट मिला। आधार कार्ड से युवक की पहचान हुई। सिकंदरा पुलिस ने किरावली थाने संपर्क किया।

किरावली थाने से चौकी प्रभारी मिढ़ाकर को सूचना दी गई। मिढ़ाकर चौकी से पुलिस फोर्स गांव सहारा पहुंचा। मनोज के घर का पता लगाया और पिता करन सिंह को सूचना दी। स्वजन अस्पताल पहुंच गए। चौकी प्रभारी की तत्परता की इंटरनेट मीडिया पर लोग सराहना कर रहे हैं।

तीन पेज का सुसाइड नोट लिखा

पुलिस के अनुसार, तीन पेज के सुसाइड नोट में मनोज कुमार ने अपने माता-पिता, पत्नी और तीनों बेटियों से माफी मांगी। वह कर्ज से परेशान है। उसने लिखा कि बहुत अच्छी जिंदगी देना चाहता था मगर दे नहीं पाया। पत्नी के लिए बेटियों का ध्यान रखने की बात लिखी।

बेटियों के नाम लिखकर उनसे माफी मांगी। पिता को कुछ पुराने किस्सों की याद दिलाई। पुलिस ने बताया कि युवक की हालत खतरे से बाहर है। समय रहते उपचार नहीं मिलता तो युवक का बचना नामुमकिन था। खून बहुत बह चुका था।