जागरण संवाददाता, आगरा: सिविल सोसायटी ऑफ आगरा ने जेवर में बनने जा रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के खिलाफ अब सेबी का दरवाजा खटखटाया है। सोसायटी ने सेबी से एयरपोर्ट के निर्माण को बनाई जा रही मुखौटा कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड का पंजीकरण स्थगित करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्य सचिव उप्र सरकार, मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स के सचिव, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज उप्र रीजन कानपुर, कैग दिल्ली और सीबीआइ को भी पत्र भेजे हैं।

गुरुवार को होटल केएस रॉयल में हुई प्रेसवार्ता में सोसायटी के महासचिव अनिल शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेवर तहसील में बनाए जा रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट में निजी क्षेत्र का कोई निवेशक नहीं आया। अब इसे उप्र सरकार को स्वयं बनाना होगा। इसके लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड बनाई जा रही है। इसमें निवेशक नोएडा डवलपमेंट अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा डवलपमेंट अथॉरिटी, यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी और उप्र सरकार को मिलकर 4065 करोड़ रुपये की धनराशि का निवेश 1441.15 हेक्टेअर जमीन को अधिग्रहीत करने के लिए करना होगा। तीनों डवलपमेंट अथॉरिटी किसी व्यावसायिक कंपनी में भागीदार नहीं बन सकती हैं। तीनों में हुए घोटालों की जांच सीबीआइ कर रही है, इसलिए उससे निगरानी का अनुरोध किया गया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष शिरोमणि सिंह ने बताया कि यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है। केंद्र व प्रदेश सरकार मनमानी कर रही हैं। सिविल सोसायटी आगरा के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करती है। जेवर में एनसीआर बोर्ड की परमिशन नहीं ली गई है। वहां चकबंदी भी नहीं की गई है। उपजाऊ जमीन को तहस-नहस किया जा रहा है। प्रेसवार्ता में राजीव सक्सेना भी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप