विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आगरा कैंट स्टेशन पर कैसे रखी जाए सफाई, RTI में सामने आए हजारों थूक के निशान

By Ali Abbas Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 20 Oct 2026 10:26 AM (IST)

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता के दावों के बावजूद, पिछले दो वर्षों में 7,457 थूकने की घटनाएं सामने आईं, ...और पढ़ें

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों द्वारा छोड़े जा रहे दाग।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों द्वारा छोड़े जा रहे दाग।

जागरण संवाददाता, आगरा। देश-विदेश के पर्यटकों को स्वच्छता का संदेश देने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन से बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता। यहां पर स्वच्छता को लेकर तमाम दावे किए जाते हैं, समय पर स्वच्छ रखने को लेकर अभियान चलाए जाते हैं। जगह-जगह चेतावनी लिखी हुई है कि परिसर में गंदगी फैलाना या थूकने पर जुर्माना है।

इसके बावजूद दो वर्ष के दौरान स्टेशन परिसर में 7,457 धब्बे इन दावों काे मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं। लोग लोग स्टेशन परिसर में थूकने से बाज नहीं आ रहे। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।अगस्त 2024 से अगस्त 2026 के दौरान कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में 7,457 लोगों द्वारा थूक कर गंदगी फैलाई गई।

हालांकि रेलवे ने उक्त लोगों पर 8.10 लाख रुपये से अधिक जुर्माना भी लगाया। दो वर्ष के आंकड़ों में इस वर्ष जुलाई में सर्वाधिक 1,202 लोगों ने स्टेशन परिसर में जगह-जगह थूक कर गंदगी फैलाई। जिन पर 1.23 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

कैंट रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता के दावे को लेकर सूचना के अधिकार में जानकारी हासिल करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता शुभम सोनी कहते हैं कि लोगों की गंदी आदत से देश-दुनिया में शहर की गलत तस्वीर बनती है। जिसमें सुधार की जरूरत है।

यहां पर सबसे अधिक धब्बे

शुभम सोनी बताते हैं कि लोग सबसे अधिक कैंट स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास रखे गमलों और एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए बनी सीढ़ियों पर बने टिन शेड पर थूकते हैं। गमलों के आसपास थूक के निशान दिखाई नहीं देते हैं, जिसका लोग फायदा उठाते हैं।

वहीं प्लेटफार्म बदलने के लिए सीढ़ियों से जाते वक्त जगह-जगह थूक के निशान मिल जाते हैं। इसके अलावा डीआरएम कार्यालय के बराबर से जहां बसें खड़ी होती हैं, वहां पर लघुशंका करते हैं। बाहर से अाने वाले पर्यटकों को यहां पर अक्सर गंदगी मिलती है।