आगरा में 150 साल पुराना बरगद का पेड़ काटा, भूमि मालिक पर मुकदमा दर्ज
आगरा में बाग फरजाना स्थित चामुंडा मंदिर के पास 150 साल पुराना बरगद का पेड़ अवैध रूप से काट दिया ...और पढ़ें

बाग फरजाना में बरगद के पेड़ की काटी गईं शाखाएं।
HighLights
वन विभाग ने भूमि मालिक राजीव जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
बरगद संरक्षित वृक्ष है, बिना अनुमति काटना कानूनन अपराध है।
जागरण संवाददाता, आगरा। सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हरियाली के हत्यारों पर कोई असर नहीं हो रहा है। बाग फरजाना स्थित चामुंडा मंदिर के समीप एक 150 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ पिछले कई दिनों से काटा जा रहा है। इससे प्राचीन वृक्षों की सुरक्षा, जो वन विभाग की जिम्मेदारी है, पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ पर आरी चलाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी रोकथाम नहीं की गई है। मामले में जिस भूमि पर पेड़ काटा गया, उस भूमि के स्वामी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, यह बरगद का पेड़ उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित प्रजाति माना जाता है।
इसे बिना अनुमति काटने या छंटाई करने पर कानूनी कार्रवाई का प्राविधान है। हिंदूवादी नेता रवि दुबे ने मामले की शिकायत वन विभाग से की। साक्ष्य के रूप में वीडियो और फोटोग्राफ उपलब्ध कराए। वन विभाग ने भूमि स्वामी राजीव जैन के खिलाफ वृक्ष अधिनियम के तहत वन एफआईआर और एच-2 केस दर्ज किया है।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से बरगद की छंटाई के मामले में भूमि मालिक राजीव जैन के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। क्योंकि बरगद एक संरक्षित वृक्ष है, इसे बिना अनुमति काटना या नुकसान पहुंचाना अपराध है। ताज ट्रेपेजियम जोन में पेड़ काटने के लिए सीईसी या डीएफओ की लिखित अनुमति आवश्यक है।
