सड़क पर बने मजार और कब्र, आगरा में मस्जिदों समेत 27 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को नोटिस, ट्रैफिक जाम में जनता क्यों फंसे
आगरा में 27 मस्जिद, मजार और दरगाहों पर कार्रवाई के लिए नोटिस भेजा गया है। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश ...और पढ़ें

सड़क के बीचों बीच बनी मजार।
जागरण संवाददाता, आगरा। शहर की 27 मस्जिद, मजार एवं दरगाहों पर कार्रवाई के लिए नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने धारा 80 सीपीसी के तहत के डीएम, नगर आयुक्त, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और छावनी परिषद के कार्यकारीर अधिकारी को भेजकर 60 दिन में कार्रवाई को लिखा है।
टेढ़ी बगिया पर बीच सड़क पर बनी रहमानी मस्जिद, ताजनगरी फेस-दो नगला मेवाती में नगर निगम की ज़मीन पर बनीं फैजान-ए-मदीना मस्जिद, होटल क्लार्क शिराज, कंपनी गार्डन के पास बनी लोदी मस्जिद एवं सिकंदरा हाईवे किनारे बनीं दरगाह शरीफ हजरत बाबा शाह, मुश्ताक शाह दरगाह एवं पालीवाल पार्क में अंदर बनीं मजार प्रमुख हैं।
इससे पूर्व में एमजी रोड पर आगरा कालेज के सामने बीच सड़क पर बनी मजार और उसके सामने बनी दरगाह पर कार्रवाई के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किया हुआ है। जिस पर 11 मई 2026 को सुनवाई होनी है।
14 अप्रैल को आगरा आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस में अधिकारियों को एमजी रोड पर बनीं मजार पर कार्रवाई के आदेश भी दिए थे।
कुंवर अजय तोमर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश है की सरकारी जमीनों पर सार्वजनिक स्थानों पर, सड़क किनारे, हाईवे पर फुटपाथ पर रेलवे स्टेशनों पर बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाया जाए और हम उसी आदेश का पालन करवा रहे हैं। आगरा में हजारों की संख्या में ऐसे अवैध धार्मिक स्थल बने हुए हैं जो यातायात में बाधा हैं।
ट्रैफिक जाम में आम जनता क्यों फंसे। जब रोड टैक्स, टोल टैक्स और उसके बाद तमाम चालान लोग भर रहे हैं तो उनको चलने के लिए सड़क भी खुली मिलनी चाहिए। सड़कों पर धार्मिक स्थल के नाम पर हो रहे अतिक्रमण हटने चाहिए।
नोटिस पर 60 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो सभी 27 अवैध मस्जिदों, मजारों और दरगाहों को लेकर कोर्ट में वाद दाखिल करेंगे।
