आगरा, जागरण संवाददाता। ताजमहल समेत देशभर के स्मारकों पर लगा ताला दो माह के अंतराल के बाद बुधवार से खुलने जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने स्मारकों को खोलने का आदेश कर दिया है। जिला प्रशासन ने भी इस पर अपनी रजामंदी दे दी है। पर्यटकों की संख्या व अन्य व्यवस्थाएं तय करने को बैठक बुलाई गई है।

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने स्मारकों को बंद करने का आदेश 15 अप्रैल को किया था। 16 अप्रैल से देशभर के सभी स्मारक बंद हो गए थे। 15 जून तक के लिए स्मारक बंद थे। देश में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने और सभी राज्यों में अनलाक की प्रक्रिया की शुरुआत से पर्यटन कारोबारियों को 16 जून से स्मारक खुलने की उम्मीद थी। सोमवार दोपहर एएसआइ के निदेशक स्मारक डा. एनके पाठक ने स्मारकों को खोलने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में राज्य सरकार, जिला प्रशासन और अापदा प्रबंधन समिति के समन्वय से स्मारकों को खोले जाने की बात निहित है। स्मारकों को खोलने के लिए गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन करना होगा। एएसआइ ने स्मारकों को खोलने का आदेश आते ही, उसे जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिया।

डीएम प्रभु एन. सिंह ने बताया कि 16 जून से आगरा के सभी स्मारक खोले जाएंगे। वहां पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किए जाने वाले इंतजामों और पर्यटकों की संख्या तय करने के लिए बैठक बुलाई गई है।

पर्यटन संस्थाओं ने जताया आभार

ताजनगरी की पर्यटन संस्थाओं ने 16 जून से स्मारकों को खोले जाने के फैसले को सराहा है। टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने कहा कि ताजमहल व स्मारकों को खोले जाने के निर्णय का स्वागत है। उम्मीद है कि यह निर्णय पर्यटन से जुड़े सभी लोगों के लिए हितकारी होगा। कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते रहें। आगरा टूरिज्म डवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने कहा कि स्मारकों को खोलने के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। मगर, परिस्थिति विषम है। 15 माह से कोई काम नहीं होने से आर्थिक संकट है। हम सरकारी कर जमा करें या होटल खोलने के लिए मेंटीनेंस कराएं। अभी हमारे पास ट्रेंड स्टाफ भी नहीं है। वो काम नहीं मिलने पर जाब छोड़कर दूसरे कामों में लग गया है। 

Edited By: Tanu Gupta