आगरा, जेएनएन। मैनपुरी में एसआइटी ने तीन दिन पहले छात्रा दुष्कर्म- हत्याकांड की जांच शुरू की थी। तीन दिन की कोशिश के बाद एसआइटी को लीड मिल चुकी है। उसी पर आगे बढ़ा जा रहा है। सुबूत तलाश किए जा रहे है। एसआइटी की पूरी जांच गोपनीय ढंग से चल रही है। किसी को सुबूतों के संबंध में भनक नहीं लग पा रही है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि जल्द पर्दाफाश हो सकता है।

एसआइटी के अध्यक्ष आइजी मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में सोमवार को जांच शुरू हुई थी। उनकी टीम में एसपी मैनपुरी अजय कुमार और सीओ एसटीएफ श्यामकांत को शामिल किया गया था। पहले दिन आइजी और सीओ द्वारा जांच शुरू की गई। देर शाम एसपी अजय कुमार ने कार्यभार ग्रहण किया। मंगलवार को पूछताछ और क्राइम सीन रीक्रिएशन का सिलसिला चला।

बुधवार दिन में आइजी जांच में शामिल नहीं रह सके। उन्हें डीजीपी की समीक्षा बैठक में इटावा जाना था। जबकि एसपी मैनपुरी और सीओ एसटीएफ की जांच अलग-अलग मोर्चों पर चलती रही। फिलहाल एसआइटी अपने पत्ते खोलने के लिए तैयार नहीं है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कोई जानकारी दी जा सकेगी।

संदेह के घेरे में एक और शिक्षक

सूत्रों का दावा है कि विद्यालय का एक और शिक्षक एसआइटी के संदेह के घेरे में आ गया है। इसके बारे में जांच शुरू हो गई है। यह वही शिक्षक है जिस पर घटना के समय छात्रा के माता-पिता ने घटना में शामिल होने का आरोप लगाया था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज कराते समय भूलवश उसका नाम अंकित नहीं करा सके थे। छात्रा के माता-पिता उसी शिक्षक से गहनता से पूछताछ किए जाने की मांग कर रहे है।

 

Posted By: Tanu Gupta

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