आगरा, जागरण संवाददाता। मथुरा के चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये लूटने के आरोपित वाणिज्यकर अधिकारी निलंबित होने के बाद चार माह से फरारी काट रहे हैं। पुलिस अब उनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही थी। इससे पहले ही आरोपितों ने मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में समर्पण को प्रार्थना पत्र दे दिया। अब कोर्ट ने पुलिस से केस के संबंध में आख्या मांगी है।

मथुरा के गोविंद नगर निवासी चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल ने 30 अप्रैल को वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों पर 43 लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया था। इस मामले में लोहामंडी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें नामजद कांस्टेबल संजीव कुमार और चालक दिनेश को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले में नामजद वाणिज्यकर विभाग के निलंबित असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार और वाणिज्यकर अधिकारी शैलेंद्र कुमार अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के पुलिस ने बहुत प्रयास किए, लेकिन वे हाथ नहीं आए हैं। इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित हो चुका है और पुलिस दोनों के खिलाफ कुर्की पूर्व की कार्रवाई कर चुकी है। अजय कुमार लखनऊ के इंदिरा नगर के मूल निवासी हैं और आगरा में फिनिक्स पुष्पविला गार्डेनिया अपार्टमेंट में रहते थे। मूलरूप से चंदौली के रहने वाले शैलेंद्र कुमार अपर्णा प्रेम अपार्टमेंट में रहते थे। हाल ही में दोनों के खिलाफ पुलिस ने लोहामंडी थाने में न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। अब पुलिस कोर्ट से कुर्की के आदेश प्राप्त करने के प्रयास कर रही थी। इससे डरकर दोनों आरोपित अधिकारियों ने कोर्ट में समर्पण को प्रार्थना पत्र दे दिया। मामले के विवेचक सीओ सदर राजीव कुमार का कहना है कि एंटी करप्शन कोर्ट ने लोहामंडी थाने से केस के संबंध में आख्या मांगी है। समर्पण के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने 14 सितंबर नियत की है।

 

Edited By: Prateek Gupta