आगरा, प्रभजोत कौर। हू इज द गर्वनर ऑफ यूपी? हाउ मैनी व्हीकल्स डू यू हैव? व्हॉट आर द नंबर्स ऑफ योर व्हीकल्स? हू इज द डीएम ऑफ आगरा? यह कुछ ऐसे सवाल हैं जो किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठने वाले प्रतिभागी से नहीं बल्कि नर्सरी क्लास में एडमिशन लेने वाले बच्चे से पूछे जाएंगे। मिशन नर्सरी एडमिशन का बिगुल बजते ही, घरों और प्ले ग्रुप में युद्ध स्तर पर बच्चों को तैयार किया जा रहा है।

प्ले ग्रुप में दिए जा रहे क्वेश्चन पेपर

शहर में सैकड़ों प्ले ग्रुप हैं। इन प्ले ग्रुप में नर्सरी एडमिशन की रेस शुरू होते ही बच्चों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया गया है। बाकायदा क्वेश्चन पेपर तैयार करके अभिभावकों को दिए जा रहे हैैं। इस क्वेशचन पेपर को मॉडल पेपर समझ लीजिए, जिसमें पिछले सालों में नर्सरी एडमिशन के समय बच्चों से पूछे गए सवाल शामिल हैं।

जनरल नॉलेज पर विशेष जोर

नर्सरी में एडमिशन चाहिए तो सिर्फ एबीसीडी ही काफी नहीं है। बच्चे को देश के राष्ट्रपति, प्रदेश के राज्यपाल से लेकर जिले के जिलाधिकारी, एसएसपी तक का नाम याद होना चाहिए। आगरा में कौन-कौन सी ऐतिहासिक इमारतें हैं? आगरा किला है या लाल किला? ताजमहल किसने बनवाया? आदि सवाल बच्चों को याद कराए जा रहे हैैं।

शेप्स हो या वर्णमाला, बच्चा हो परफेक्ट

इंटरव्यू में बच्चे के सामने कई शेप्स की चीजें रखी जाएंगी। बच्चे को उनसे खेलने को कहा जाएगा, इसी दौरान उनसे शेप के बारे में पूछ लिया जाएगा। रंगों का ज्ञान होना भी जरूरी है। एबीसीडी के अलावा ङ्क्षहदी वर्णमाला तक आनी चाहिए। सर्कल बनाने से लेकर स्कवायर बनाना तक आना चाहिए।

पालतू जानवर से लेकर गाडिय़ों का हो पता

बच्चे से पूछा जा सकता है कि आपके घर में पेट्स हैं? अगर हां तो क्या ब्रीड है, क्या नाम है? गाड़ी कौन-कौन सी हैं, गाडिय़ों के नंबर, मॉडल और रंग भी पूछे जा सकते हैैं। बच्चों को किस तरह के खेल और खिलौने पसंद हैैं यह भी पूछा जा सकता है।

बच्चे के आत्म विश्वास और पर्सनेल्टी की होगी परख

बच्चा डर कर बात कर रहा है या सहज होकर। बच्चे में कितने मैनर्स हैं? क्लास में घुसने पर उसने अभिवादन किया, टीचर्स के सवालों के जवाब हिंदी में दिए या इंग्लिश में। क्या पहन कर आया है, शरारती है या इत्मीनान से बैठकर सवालों के जवाब दे रहा है। यह सारी बातें भी एडमिशन का आधार बनेंगी। इसलिए बच्चों को इसकी आदत भी डालनी होगी।

अभिभावकों का भी होगा इंटरव्यू

सिर्फ बच्चे ही नहीं, बच्चे के अभिभावकों की पर्सनेल्टी भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। उनकी शिक्षा, उनका रोजगार, उनका पहनावा आदि चीजें देखी जाएंगी। उनकी स्कूली शिक्षा कहां से हुई है यह भी पूछा जाएगा। माता-पिता से भी कई सवाल पूछे जा सकते हैं।

प्‍ले ग्रुप में करा रहेे तैयारी

बचपन प्‍ले ग्रुप शास्‍त्रीपुरम के निदेशक मनीष अरोरा ने बताया कि नर्सरी एडमिशन की डेट्स आते ही हम बच्चों को तैयार करना शुरू कर देते हैं। उन्हें अनुशासन सिखाने से लेकर उन्हें जनरल नॉलेज तक याद कराया जाता है। हम पिछले सालों के बच्चों के इंटरव्यू के आधार पर एक मॉडल पेपर तैयार करके अभिभावकों को देते हैं। 

Posted By: Prateek Gupta

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