केस-1 : फतेहाबाद रोड निवासी युवती मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती है। दोस्तों के साथ नशे की लत लग गई। अब परिवारीजन लत छुड़वाने को काउंसिलिंग करवा रहे हैं।

केस-2 : दिल्ली में कार्यरत कमला नगर निवासी युवती की फरवरी में शादी है। शराब छोडऩे के लिए काउंसलर की मदद ले रही है।

आगरा, गौरव भारद्वाज। युवाओं को नशे की लत अपनी गिरफ्त में ले रही है। लड़कों के साथ अब लड़कियां भी टल्ली होने लगी हैं। हुक्का बार में लड़कियां धुएं का छल्ला बना रही हैं। शौक में शुरू आदत कब लत बन गई पता ही नहीं चला। मगर, अब इस लत को छुड़ाने के लिए युवतियां परेशान हैं। इसके लिए वे काउंसिलिंग भी करा रही हैं।

ताजनगरी की युवतियां भी तेजी से नशे की गिरफ्त में फंस रही हैं। पहले हुक्का बार से शुरुआत हुई लेकिन यह आदत शराब की लत में तब्दील हो जाती है। जब इसके बारे में उनके घर वालों को पता चलता है तो उन पर सख्ती होती है। इसके चलते युवतियां अवसाद में भी आ जाती हैं। मनोचिकित्सक बताते हैं कि उनके पास ऐसे कई केस आते हैं, जिनमें युवती की शादी होने वाली होती है। ऐसे में लत छुड़वाने के लिए उनके घर वाले काउंसिलिंग का सहारा लेते हैं। उनका कहना है कि बाद में कोई परेशानी न हो इसके लिए पहले ही वह इस लत से छुटकारा पाना चाहती हैं।

शादीशुदा महिलाओं की संख्या ज्यादा

मनोचिकित्सक डॉ. दिनेश राठौर का कहना है कि नशे के चलते महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जब समस्या बढ़ जाती है तो उन्हें इसका अहसास होता है। शादीशुदा महिलाओं की काउंसिलिंग की संख्या ज्यादा है।

90 लाख महिला शराब की आदी

नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट एम्स की रिपोर्ट के अनुसार देश में 90 लाख महिलाएं शराब, 40 लाख महिलाएं कैनाबिस और 20 लाख महिलाएं अफीम का सेवन करती हैं। नशा करने वाली इन महिलाओं की उम्र 12 से 70 साल के बीच है।

शराब और नशे की लत से परेशान महिलाओं के कई केस आते हैं। उनकी काउंसिलिंग की जाती है। शराब से कई तरीके के परेशानी होती है।

डॉ. दिनेश राठौर, मनोचिकित्सक  

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