आगरा, जागरण संवाददाता। आयुष्मान योजना से निजी अस्पताल संचालकों के मुंह फेरने के बाद 250 बीमारियों के इलाज के पैकेज में सौ से आठ सौ रुपये का इजाफा किया गया है। इसके बाद भी हॉस्पिटल संचालक गोल्डन कार्ड बनाने और इलाज देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

आयुष्मान योजना के लाभार्थियों में जिले के 1.63 लाख परिवार शामिल हैं। हर परिवार के सभी सदस्यों को योजना का लाभ मिलना है, एक साल में पांच लाख रुपये तक का निश्शुल्क इलाज दिया जाना है। इसके लिए एसएन, जिला अस्पताल, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय सहित 44 निजी अस्पतालों से अनुबंध किया गया था। मगर, योजना से अनुबंध हॉस्पिटल को दिया जाने वाला पैकेज बिल बहुत कम है। वहीं, कई मामलों में इलाज के बाद निजी अस्पतालों का बिल रोक दिया गया है। ऐसे में पुष्पांजलि हॉस्पिटल, रेनबो हॉस्पिटल, सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल सहित आधा दर्जन अस्पतालों ने अनुबंध खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेज दिया है। इन अस्पतालों में मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। इससे गोल्डन कार्ड लेकर मरीज इधर से उधर इलाज के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि 250 तरह की बीमारियों के पैकेज में इजाफा किया गया है। जिन अस्पतालों ने अनुबंध समाप्त करने के लिए पत्र भेजा है, उनकी शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। 6290 मरीजों को लाभ मिल चुका है, 80 हजार गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। गोल्डन कार्ड बनाने को चलाया जा रहा अभियान

गोल्डन कार्ड बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नवंबर में अभियान चलाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए जा रहे हैं, इस योजना से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ा गया है।

Posted By: Jagran

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