आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी में स्‍मारकों के खुलने से पर्यटन कारोबार पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से आश्रित लोगों में उम्मीद का संचार हुआ है। ताजमहल पर पहले दिन आए पर्यटकों के आंकड़ों से उन्हें उम्मीद है कि अगर कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं बढ़ता है तो दाे माह में पर्यटन कारोबार की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी।

कोरोनरा काल में ताजमहल पिछले वर्ष 17 मार्च से 20 सितंबर तक 188 दिन बंद रहा था। 21 सितंबर को ताजमहल खुलने पर 1235 पर्यटक पहुंचे थे। इस बार 16 अप्रैल से 15 जून तक रही दो माह की बंदी के बाद बुधवार को जब ताजमहल खुला तो 1919 पर्यटक पहुंचे, जिनमें 67 बच्चे शामिल थे। यह संख्या पिछले वर्ष से अधिक है। दो विदेशी पर्यटकों ने ताजमहल व आगरा किला देखा। कोरोना काल में बंदी के बाद पहले दिन पर्यटकों की संख्या ने पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद जगाई है।

स्मारकों पर पर्यटकों की तुलनात्मक स्थिति

स्मारक, 21 सितंबर, 16 जून

ताजमहल, 1235, 1919

आगरा किला, 248, 221

फतेहपुर सीकरी, 92, 75

सिकंदरा, 116, 151

मेहताब बाग, 136, 59

एत्माद्दौला, 30, 30

रामबाग, 64, 45

मरियम टाम्ब, 31, 19

यह एक शुरुआत है। आशा की किरण नजर आई है। इंटरनेशनल फ्लाइट और टूरिस्ट वीजा सर्विस की शुरुआत होने के बाद ही पर्यटन कारोबार पटरी पर लौट सकेगा। उम्मीद है कि सरकार शीघ्र टूरिस्ट वीजा सर्विस शुरू करने पर विचार करे।

-नितिन सिंह, गाइड

पहले दिन बोहनी भी नहीं हुई है। इस स्थिति से कारोबार को उबरने में करीब दो माह का समय लगेगा। धीरे-धीरे काम पटरी पर लौटेगा। हैंडीक्राफ्ट्स आइटम की खरीदारी विदेशी पर्यटक अधिक करते हैं। उन पर अभी रोक लगी हुई है।

-सुनील कुमार, हैंडीक्राफ्ट्स शोरूम संचालक

पहले दिन पर्यटक कम आए। दो घंटे तक ताजमहल में रहा, लेकिन बोहनी भी नहीं हो सकी। उम्मीद है कि धीरे-धीरे स्थिति में सुधार होगा। कोरोना वायरस का संक्रमण इसी तरह काबू में रहा तो दो माह मेें स्थिति सुधर जाएगी।

-सर्वोत्तम सिंह, अध्यक्ष पुरातत्व स्मारक फोटोग्राफर एसोसिएशन

Edited By: Prateek Gupta