आगरा, जागरण संवाददाता। नेशनल हाईवे-19 स्थित आनंद इंजीनियरिंग कालेज में 94 युवाओं ने फर्जी दस्तावेज के सहारे अग्निवीर बनने का प्रयास किया। 38 युवाओं ने आधार कार्ड में जन्म तिथि में संशोधन किया। खुद की उम्र पांच से छह साल कम लिखाई जिससे वह भर्ती रैली में शामिल हो सकें। यह युवा आगरा, हाथरस और फिरोजाबाद के हैं। यह पर्दाफाश युवाओं के दस्तावेजों की जांच में सेना भर्ती कार्यालय ने किया है। लिखित माफीनामा के बाद सेना भर्ती कार्यालय ने संबंधित युवाओं को जाने दिया। ऐसे युवा दोबारा रैली में न शामिल हों, इसके लिए अलग से सूची तैयार की गई है।

इस तरह खुला मामला

सेना भर्ती कार्यालय, आगरा की ओर से बीस सितंबर से दस अक्टूबर तक आनंद इंजीनियरिंग कालेज में अग्निवरी भर्ती रैली आयोजित की जा रही है। 12 जिलों के 1.75 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया है। हर दिन हजारों की संख्या में युवा रैली में शामिल हो रहे हैं। 26 सितंबर को आगरा के बाह तहसील, फिरोजाबाद के टूंडला, हाथरस के सिकंदराराऊ तहसील, 27 सितंबर को हाथरस शहर और सादाबाद के 12 हजार युवा रैली में शामिल हुए। आगरा के प्रभारी अधिकारी कर्नल सुदेश भांगरा ने बताया कि दस्तावेजों की जांच में 94 युवाओं ने फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया था। 38 युवाओं ने आधार कार्ड में संशोधन किया है। युवाओं ने अपनी जन्म तिथि को पांच से छह साल कम अंकित करवाया था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई बार अपने निवास प्रमाण पत्र भी बदले हैं। कई युवा ऐसे भी थे जिन्होंने कक्षा दस दो बार किया है। दोनों बार में खुद की उम्र को अलग अलग दिखाया गया है। दोनों दस्तावेजों में जन्म तिथि और निवास अलग अलग अंकित है। पिता का नाम पूरा अंकित नहीं किया गया है। स्कूल का नाम भी शार्ट कट में लिखा गया है। उन्होंने बताया कि युवाओं से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाने लगाने की बात को स्वीकार किया। इसी आधार पर लिखित माफीनामा लिया गया और फिर इन्हें भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

दलालों के चक्कर में न पड़े

प्रभारी अधिकारी सुदेश भांगरा ने युवाओं से अग्निवीर भर्ती रैली में दलालों के चक्कर में न पड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खुद पर भरोसा रखें। दौड़ की प्रैक्टिस करें और दलालों से बचें।

Edited By: Tanu Gupta

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट