आगरा, जागरण संवाददाता: केंद्र और राज्य सरकार ने जिस बर्ड फ्लू (हाइली पैथोजेनिक एवियंस इंफ्लुएंजा) को लेकर पिछले दिनों अलर्ट जारी किया, उसने ताजनगरी में दस्तक दे दी है। शनिवार को मेहताब बाग कौवों की कब्रगाह बन गया। शाम के समय पूरे पार्क में सैकड़ों की संख्या में कौवे मरे हुए मिले। इन कौवों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है।

इस गंभीर बीमारी की आहट को लेकर पहले केंद्र सरकार ने हाल ही अलर्ट जारी किया है। इसके बाद नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने सभी जिलों को पत्र भेज सावधानी बरतने के निर्देश दे रखे हैं। परंतु कोई विभाग हरकत में आता, उससे पहले ही शनिवार को यमुना पार मेहताब बाग में और उसके आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों कौवों की मौत ने सनसनी फैला दी।

सैलानी मेहताब भ्रमण को पहुंचे तो पेड़ों के नीचे कौवे मरे पड़े हुए थे। हर तरफ यही स्थिति थी। आसपास के क्षेत्र में भी बड़ी संख्या मे कौवों की मौत हुई। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने कौवों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू की आशंका से इंकार नहीं किया। पुष्टि के लिए कौवों के शवों की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों ने क्षेत्रीय लोगों को मृत कौवों के नजदीक न जाने और जानवरों को भी दूर रखने की हिदायत भी दी है।

कौवों की अस्वाभाविक मौत के पीछे हाइली पैथोजेनिक एवियन इंफ्लुएंजा बीमारी भी वजह हो सकती है। सैंपल लेकर इसकी जांच कराई जा रही है। अगर किसी क्षेत्र में अस्वाभाविक रूप से पक्षी मर रहे हों तो लोग तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दें।

एनके जानू, डीएफओ

स्थानीय स्तर पर नहीं होंगे पोस्टमार्टम

मरे कौवों का स्थानीय स्तर पर पोस्टमार्टम नहीं हो सकेगा। प्रमुख सचिव के निर्देशों के मुताबिक पोस्टमार्टम अधिकृत रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेट्री में होगा।

ये बरतें सावधानियां

- जंगली पक्षियों एवं कुक्कुट प्रजाति की मृत्यु की सूचना तत्काल निकटस्थ पशु चिकित्सा संस्थान या वन विभाग को दें।

- मृत पक्षियों को खुले हाथों से न छुएं। हाथ में दस्ताने पहनकर ही उन्हें उठाया जाए। फिर अच्छी तरह हाथ धोएं।

- मृत पक्षियों को या तो जला दिया जाए या दफनाया जाए।

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