आगरा, जागरण संवाददाता। आवास विकास परिषद, आगरा जोन ने 3752 आवंटियों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। इन पर 300 करोड़ रुपये की बकाएदारी है। इसमें आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। यह ऐसे भवन स्वामी हैं जिन्होंने तीन किस्त जमा नहीं की है। आवंटियों को अंतिम मौका देते हुए 15 दिनों की मोहलत दी गई है। निर्धारित अवधि के भीतर पूरा पैसा जमा न करने पर प्लाट को निरस्त किया जा सकता है। साथ ही रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होगा।

संयुक्त आवास आयुक्त, आगरा जोन हिमांशु गौतम ने बताया कि एक मुश्त योजना में 1100 आवंटियों ने आवेदन किया था, जिन पर 55 करोड़ रुपये की बकाएदारी है। जोन में 50 बकाएदार 50 लाख रुपये से अधिक के हैं। वहीं बाकी बकाएदार 20 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक के हैं। सबसे अधिक आवंटी सिकंदरा योजना के हैं।

इन जिलों के हैं आवंटी

आगरा, फीरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस और कासगंज।

ये हैं प्रमुख बकाएदार

योजना का नाम, बकाएदार का नाम, बकाया धनराशि

- सिकंदरा योजना, अभिनंदन बंसल, दो करोड़ रुपये

- सिकंदरा योजना, अग्रसंस प्रा. लि., 1.23 करोड़ रुपये

- सिकंदरा योजना, डालचंद्र, 2.24 करोड़ रुपये

- सिकंदरा योजना, रिदी सिद्दी, 1.25 करोड़ रुपये

- सिकंदरा योजना, महाशिव इंफ्राटेक, 2.35 करोड़ रुपये

- सिकंदरा योजना, ममता सिंह, 4.21 करोड़ रुपये 

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