आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा स्मार्ट सिटी प्रा. लि. ने जीवनी मंडी वाटरवर्क्स परिसर में 100 एमएलडी के प्लांट को 1200 एमएम की लाइन से जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया, इसके चलते बुधवार को 1.60 लाख घरों में जलापूर्ति नहीं हुई। शिकायतों के बाद भी जल संस्थान के अफसरों ने पानी के टैंकर नहीं भेजे। गोबर चौकी, सीतानगर और रकाबगंज क्षेत्र में लोगों ने विरोध जताया और नारेबाजी की। आधे शहर में जलापूर्त‍ि गुरुवार को भी नहीं होगी। शुक्रवार सुबह जलापूर्ति शुरू होने के आसार हैं।

नगर निगम के सौ वार्डों में 3.15 लाख भवन हैं। इसमें तीन लाख भवनों में पानी के कनेक्शन हैं। डेढ़ लाख घरों को जीवनी मंडी वाटरवर्क्स और डेढ़ लाख को सिकंदरा स्थित गंगाजल और एमबीबीआर प्लांट से जलापूर्ति होती है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 143 करोड़ रुपये से जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से ताजगंज तक 1200 एमएम की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। यह कार्य 80 फीसद पूरा हो चुका है। जिसे देखते हुए प्लांट से लाइन को कनेक्ट किया जा रहा है। आगरा स्मार्ट सिटी प्रा. लि. की टीम ने लाइन को जोड़ने का कार्य शुरू किया। इससे आधे शहर को पानी नहीं मिला। इसमें प्रमुख रूप से ताजगंज, रकाबगंज, जीवनी मंडी, यमुनापार, बल्केश्वर, कमला नगर, मुगल रोड, काला महल, विजय नगर आंशिक क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुबह और शाम की आपूर्ति नहीं हुई। जल संस्थान ने टैंकरों से पानी भेजने का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई। अधिकांश क्षेत्रों में टैंकर नहीं पहुंचे। इससे लोग पानी के लिए परेशान होते रहे। जल संस्थान के महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि कुछ जगहों में टैंकर न पहुंचने की शिकायतें मिली हैं। बुधवार सुबह टैंकर भेजे गए।

13 स्थलों पर हुए लीकेज 

बुधवार को सिकंदरा-बोदला रोड, शास्त्रीपुरम, आवास विकास कालोनी सेक्टर दस और 16 में 13 स्थलों पर लीकेज हुए। इससे इन क्षेत्रों में जलापूर्ति नहीं हुई। जल संस्थान की टीम ने पानी के टैंकर भी नहीं भेजे।

 

Edited By: Tanu Gupta