आगरा, जागरण संवाददाता। बदलती जीवनशैली के साथ अब बच्चों की परवरिश का अंदाज भी बदलने लगा है। ज्यादातर घरों में अभिभावक बच्चों को बाजार की खाद्य सामग्री देते हैं। डाक्टर इसे बच्चों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह मानते हैं। वे ऐसी खाद्य सामग्री से परहेज की सलाह देते हैं। जिला अस्पताल की चिकित्सक डा. पल्लवी सक्सेना का कहना है कि बचपन से ही बच्चों को बाजार में बिकने वाले स्नैक्स की आदत डाल दी जाती है।

स्वाद में बच्चे इन्हें खाते तो हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिलता। बाजार से खरीदे गए स्नैक्स, फास्ट फूड या दूसरे डाइट प्राेडक्ट्स में पोषक तत्वों की मात्रा बेहद कम होती है या फिर होती ही नहीं है। ऐसे प्राेडक्ट बच्चों के विकास और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। उनका कहना है कि लंबे समय तक ऐसे पदार्थों का सेवन करने वाले बच्चों को पेट की समस्या के साथ हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत होने लगती है। असमय ही सर्दी और जुकाम भी होता है। बेहतर है कि बच्चों को सिर्फ घर की बनी हुई चीजें ही खाने के लिए दें।

लिवर पर पड़ता है बुरा प्रभाव

चिकित्सक का कहना है कि इन पदार्थों को बनाने के लिए कई प्रकार के रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। पैकिंग करने के बाद कई-कई दिनों तक इन्हें रखा जाता है। लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए भी रसायन मिलाए जाते हैं। जब बच्चे इन्हें खाते हैं तो उनका बुरा प्रभाव उनके लीवर पर पड़ने लगता है।

सिर्फ दें दूध और सब्जियां

महिला चिकित्सक का कहना है कि नवजात को छह महीने तक सिर्फ मां का दूध ही देना चाहिए। यदि बच्चे बडे़ हैं तो उन्हें हल्का दाल-चावल, सभी प्रकार की दालें, सभी प्रकार की सब्जियां और फल व दूध दें।

 

Edited By: Tanu Gupta