आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए मंगलवार को टीका उत्सव मनाया जाएगा। शहर और देहात में 345 बूथों पर सुबह सात बजे से वैक्सीन लगाई जाएगी। 60 हजार वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएचसी पर सोमवार रात को वैक्सीन पहुंचा दीं गईं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एसके वर्मन ने बताया कि सुबह सात बजे से शहर और देहात के 345 बूथों पर वैक्सीन लगाई जाएगी। हर ब्लाक में 20 सत्र होंगे, एक सत्र में 150 से 200 वैक्सीन लगेंगी। एसएन मेडिकल कालेज में कोवैक्सीन लगाई जाएगी। जबकि अन्य केंद्रों पर कोविशील्ड लगेगी। शहर में 30 शहरी स्वास्थ्य केंद्र सहित 55 बूथों पर वैक्सीन लगेगी। वैक्सीन लगवाने के लिए 18 से अधिक उम्र के लोग फोटो पहचान पत्र साथ लेकर आए। बूथ पर ही पंजीकरण किया जाएगा। देहात में हर ब्लाक पर एक नोडल अधिकारी रहेगा तैनात सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि टीका उत्सव की तैयारियों के लिए सोमवार को बैठक की गई। देहात के लिए हर ब्लाक के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया गया है। शहरी क्षेत्र में पांच शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर एक नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां हर घंटे वैक्सीन लगवाने वालों का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। जिन बूथों पर वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या कम होगी, वहां शिक्षकों की मदद से लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कराया जाएगा। एसएन की ओपीडी में 12 बजे तक बनेंगे पर्चे

आगरा,जागरण संवाददाता। एसएन मेडिकल कालेज की ओपीडी में मंगलवार से सुबह आठ से 12 बजे तक पर्चे बनाए जाएंगे, जिससे सभी मरीजों को परामर्श मिल सके। सोमवार को ओपीडी का पुराना गेट भी खोल दिया गया।

कोरोना संक्रमण के चलते एसएन की ओपीडी में सुबह आठ से 11 बजे तक पर्चे बनाए जा रहे थे। नूरी गेट वाले गेट से मरीजों को प्रवेश दिया जा रहा था, 11 बजे गेट बंद कर दिया जाता था। इससे तमाम मरीज लौट रहे थे। प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सुबह आठ से 12 बजे तक पर्चे बनाए जाएंगे। दो बजे तक परामर्श दिया जाएगा। नूरी गेट वाला दरवाजा बंद कर दिया गया है, ओपीडी के पुराने गेट से बल्ली हटा दी गई हैं। इसे मरीजों के आने जाने के लिए खोल दिया है। ओपीडी में मरीजों की मदद के लिए वार्ड ब्वाय और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इनका ड्रेस कोड भी होगा। मरीजों को बाजार से खरीदनी पड़ रहीं दवाएं एसएन मेडिकल कालेज में 60 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। ओपीडी से एक से दो तरह की दवाएं ही निश्शुल्क मिल रही हैं।

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