आगरा, जागरण संवाददाता। पुलिस ने संपत्ति जब्तीकरण अभियान ने गैंगस्टरों की नींद उड़ा दी है। पुलिस एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टरों की संपत्तियों की छानबीन कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए दस्तावेज लेखक हरेश पचौरी के हत्यारोपित विष्णु प्रकाश रावत की 24.51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इस मामले में अगला नंबर गैंगस्टर भानु प्रताप मुदगल का है।पुलिस ने उसकी संपत्तियों का चिन्हीकरण शुरू कर दिया है।इसमें उसकी वह उसकी पत्नी के नाम शामिल संपत्तियां हैं।

सदर में शमसाबाद मार्ग पर 19 दिसंबर 2020 को प्रापर्टी डीलर एवं सदर तहसील में दस्तावेज लेखक हरेश पचौरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में प्रापर्टी डीलर विष्णु प्रकाश रावत, सुनील रावत, भानु प्रताप मुदगल, सचिन कंजा, आकाश यादव, अमित कुमार, अरुण, शिवा, मुकेश आदि शामिल थे। हरेश पचौरी ने दस्तावेज लेखक की हत्या भाड़े के पेशेवर हत्यारे सचिन कंजा को सुपारी देकर कराई थी।

हत्याकांड में आरोपित भानु प्रताप मुदगल ने पुलिस को चकमा देकर समर्पण कर दिया था। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। हत्यारोपितों सबसे शातिर सचिन कंजा है, उसी ने हरेश पचौरी की हत्या की थी।पुलिस ने हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि विष्णु प्रकाश रावत की संपत्तियां गैंगस्टर के तहत ही जब्त की गई हैं। इसके बाद अब भानु प्रताप मुदगल और उसकी पत्नी के नाम दर्ज संपत्तियां चिन्हित की जा रही हैं। कुछ संपत्ति ऐसी हैं, जिन्हें लेकर विवाद है। यह संपत्ति किसके नाम पर हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।

आर्थिक साम्राज्य खत्म करने से बनेगा दबाव

पुलिस अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य पर प्रहार कर रही है। उसे खत्म कर अपराधियों में भय पैदा किया जा सके। इससे कि वह आपराधिक घटनाओं और साजिशों में शामिल होने से पहले सौ बार सोचें। पुलिस मान रही है कि संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई का असर दिख रहा है। अभियान ने गैंगस्टरों की नींद उड़ा रखी है। उन्हें अपराध से जुटाई गई संपत्ति के जब्त होने का डर सता रहा है