आगरा, जागरण संवाददाता। भू माफिया और बिल्डरों ने जोंस मिल के साथ ही यमुना नदी के डूब क्षेत्र की जमीन का सौदा किया है। डूब क्षेत्र में बड़ी संख्या में मकान से लेकर दुकानें बन गई हैं। यहां तक मिट्टी डालकर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील सदर स्थित उप निबंधक पंचम कार्यालय में हर दिन सात से नौ लोग पहुंचते हैं। डीएम प्रभु एन सिंह की रोक के चलते जमीन का बैनामा नहीं हो पाता है। कई बार विवाद की नौबत तक आ जाती है। जोंस मिल की जमीन पर तीन पेट्रोल पंप, यमुना व्यू, ओंकार अपार्टमेंट सहित अन्य हैं। चालीस ट्रांसपोर्ट इकाइयों के गोदाम हैं। उप महानिरीक्षक, निबंधन एमके सक्सेना ने बताया कि जोंस मिल की जमीन के रजिस्ट्री कराने को लेकर हर दिन कई लोग मुलाकात करते हैं। दस्तावेजों में नगर निगम का प्लाट नंबर लिखा जाता है। पूर्व में अधिकांश रजिस्ट्री में भी इसका उल्लेख किया जाता चुका है। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि दस खसरों में रजिस्ट्री पर रोक है।

जमीन पर कब्ला लें विभाग

 डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि पुलिस, नगर निगम और सिंचाई विभाग को जमीन पर कब्जा लेने के आदेश दिए गए हैं। संबंधित अफसरों से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।

197 प्रार्थना पत्रों की शुरू हुई जांच डीएम के आदेश पर एडीएम प्रोटोकाल पुष्पराज सिंह की निगरानी में तीन सदस्यीय कमेटी गठित है। कमेटी ने 197 प्रार्थना पत्रों की जांच शुरू कर दी है। एडीएम प्रोटोकाल ने बताया कि कई लोगों ने पर्याप्त दस्तावेज नहीं दिए हैं। इन्हें नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। जिन लोगों ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

 

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