आगरा, संदीप शर्मा। गाय के गोबर से सिर्फ कंडे और खाद ही नहीं बनती। थोड़ी रचनात्मकता व मेहनत लगाकर इस बेकार सी लगने वाली चीज को फायदे के सौदे में बदलकर व्यापार किया जा सकता है। इसे सच कर दिखाया है दयालबाग शिक्षण संस्थान से एमबीए करने वाले यश खंडेलवाल ने। उन्होंने गाय के गोबर से न सिर्फ अपना स्टार्टअप तैयार किया, बल्कि बेसहारा गोवंश को संभालने का एक बेहतर विकल्प भी उपलब्ध करा दिया।

फतेहाबाद रोड स्थित ताज रायल अपार्टमेंट निवासी यश का एमबीए मार्च 2020 में दयालबाग शिक्षण संस्थान से पूरा हुआ। वह नौकरी की तैयारी कर रहे थे, तभी लाकडाउन लग गया। घर रहते हुए उन्हें यह आइडिया आया। थोड़ी जानकारी इंटरनेट से जुटाई, तो कुछ पहचान वालों से। अगस्त 2020 में इस स्टार्टअप को शुरू किया और दीपावली पूजन के लिए गाय के गोबर से लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति तैयार की। आइडिया नया था और हिट हुआ। शहर ही नहीं, देशभर के साथ कुछ आर्डर विदेश से मिले। करीब ढ़ाई हजार पीस मूर्तियां आनलाइन बेच दीं। फिर क्या था, यहीं से उन्हें रास्ता मिल गया और आगे बढ़कर वह गाय के गोबर से बनी नेचुरल धूपबत्ती, मच्छर भगाने के कोन, गोकाष्ठ, गमले, खाद, हवन सामग्री और समिधा आदि तैयार कर रहे हैं।

प्लानिंग से दूर की फंड की कमी

यश के पास फंड सीमित था, जिसका तोड़ उन्होंने प्लानिंग से निकाला। फंड की कमी दूर करने को सिकंदरा स्थित रामलाल वृद्धाश्रम की गोशाला का एक हिस्सा किराए पर लिया। गोशाला से निकालने वाले गोबर को खरीदना शुरू किया, जिसे आश्रम पहले फेंक देता था या मुफ्त में दे देता था। इससे आश्रम को भी पैसे मिलने लगे और उन्होंने अपनी कार्यशाला में उत्पादन शुरू कर दिया।

खूब मिल रहे आर्डर

यश का कहना है कि गाय का गोबर सबसे शुद्ध होता है, इससे बने पूजा और दैनिक प्रयोग के सामान भी पूरी तरह शुद्ध होता है, जबकि बाजार में मिलने वाली धूपबत्ती में चारकोल, सल्फर और एनीमल्स फैट जैसे तत्व होने से वह वातावरण, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। साथ ही इससे बेसहारा गोवंश को छोडऩे वाला सिस्टम भी खत्म किया जा सकता है, क्योंकि अक्सर लोग दूध न देने वाले गोवंश को बेकार समझकर छोड़ देते थे।

आनलाइन-आफलाइन कर रहे बिक्री

गाय के गोबर से बने अपने उत्पाद वह शहर के साथ दिल्ली, मुंबई, केरल आदि शहरों में आनलाइन बेच रहे हैं। अमेजन पर उनके उत्पाद गोकृति नेचुरल के नाम से उपलब्ध हैं। जबकि स्थानीय स्तर पर वह दुकान एप से इसकी बिक्री करते हैं। आफलाइन बिक्री के लिए उन्होंने अपना सामान खंदारी स्थित फ्रेट हट, बल्केश्वर स्थित पीएम जनऔषधी केंद्र आदि जगह पर रखा है। लोग उनसे खरीदकर अपने घर से उनकी बिक्री कर रहे हैं। ं

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