आगरा, जागरण संवाददाता। हाईवे पर तेज रफ्तार कार ने मंगलवार दोपहर बाइक को टक्कर मार दी। बाइक सवार युवक, उसकी पत्नी, मां और बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी के सिर से खून निकल रहा था। भीड़ तमाशबीन बनी थी। चौकी प्रभारी रुनकता केशव देव शांडिल्य उनके लिए देवदूत बनकर पहुंचे। उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना घायलों को उठाया और कार में रखकर अस्पताल पहुंचा दिया। उनकी तत्परता से सभी की जान बच गई। अब वे खतरे से बाहर हैं। 

फीरोजाबाद के उत्तर थाना क्षेत्र के रहने वाले रिंकू अपनी पत्नी रिंकी, मां आशा और एक वर्ष के बेटे गोलू को लेकर मंगलवार दोपहर बाइक से मथुरा की जा रहे थे। रुनकता में उन्हें पीछे से आ रही कार ने टक्कर मार दी। वे सभी रोड पर गिरने पर कार के नीचे फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सवार ने उन्हें कार रोककर बाहर निकालने के बजाय कार को बैक करके उन्हीं के ऊपर से निकाल दिया और तेज रफ्तार में हाईवे पर मथुरा की ओर भाग गया। बाइक सवार हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चौकी प्रभारी रुनकता केशव देव शांडिल्य वहां अपनी हुंडई की वर्ना कार से पहुंचे। उन्होंने देखा कि लोग खड़े-खड़े देख रहे हैं। एंबुलेंस को काल किया, लेकिन आने में देर हो रही थी। ऐसे में वे खुद किसी से बिना कहे घायलों को उठाने में लग गए। आशा देवी को उठाकर उन्होंने अपनी कार में रखा। उनकी वर्दी घायलों की मदद करने में खून से सन गई। मगर, उन्होंने परवाह नहीं की। उनको देखकर कुछ युवा आगे आए। उन्होंने भी घायलों को उनकी गाड़ी में रखा। अपनी गाड़ी में सभी घायलों के न आने पर उन्होंने एक टूरिस्ट गाड़ी रुकवा ली। दो घायल उस गाड़ी में रखे। सभी को लेकर वे हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। वहां उपचार शुरू करा दिया। इसके बाद स्वजन को सूचना दी। हादसे में घायल हुए युवक, महिला और बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। रिंकू के स्वजन का कहना है कि चौकी प्रभारी ने ही चारों की जान बचा ली। नहीं तो अत्यधिक खून निकलने से उनकी जान चली जाती। 

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