आगरा, जागरण संवाददाता। बाजार से खरीदा 80 रुपये का चूरन शक्तिवर्धक दवा के नाम पर आनलाइन 1200 रुपये में बेचा जा रहा था। शीशी पर एक्सपायरी एवं मैन्युफैक्चरिंग तारीख और दवा का मूल्य भी नहीं लिखा गया था। इससे कि ग्राहक से मन मुताबिक रकम वसूली जा सके। कालिंदी विहार में एक किराए के गोदाम में चल रहे शक्तिवर्धक दवाओं के नाम पर चल रहे कारोबार की जानकारी होने पर पुलिस ने शनिवार की शाम को छापा मारा। वहां से तीन लोगाें को हिरासत में लिया है। भारी संख्या में शक्तिवर्धक दवाओं की शीशी बरामद की हैं।

इंस्पेक्टर संजय कुमार त्यागी ने बताया कि शिवानी धाम कालोनी में पप्पन के मकान पर छापा मारा गया। वहां से कई सौ भरी और खाली शीशीं बरामद की हैं। मौके से कालिंदी विहार निवासी मनोज यादव और उसके तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। मौके पर यूनानी क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डाक्टर जुगल किशाेर राणा और उनकी टीम को भी बुला लिया गया। पुलिस के पूछताछ करने पर मनोज ने बताया कि चार महीने पहले ही उसने यह काम शुरू किया था।कालिंदी विहार में इसके लिए किराए पर गोदाम लिया था। वह शाहगंज की एक दुकान से आयुर्वेदिक चूरन आदि लेकर आता था। यह उसे 80 रुपये में पड़ता था। उन्हें अपने खुद का ब्रांड बनाकर शक्तिवर्धक दवाओं के नाम से 1200 रुपये प्रति शीशी बेचता था।

अपनी इन दवाओं का प्रचार-प्रसार इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कर रहा था। इससे बाजार में अच्छा व्यापार मिल रहा था। मनोज द्वारा बताई गई दुकान पर पुलिस यूनानी अधिकारी की टीम पहुंची। दुकान बंद मिलने पर पुलिस अब रविवार को वहां जाएगी। इससे कि यह जानकारी की जा सके कि वहां से क्या खरीदकर शक्तिवर्धक दवाओं के नाम पर बेच रहा था। मनोज से पुलिस ने फर्म के पंजीकरण आदि के बारे में पूछा तो उसने मना किया।दवाओं को वह कैसे बनाते थे, इस पर एक्सपायरी व मैन्युफैक्चरिंग तारीख नहीं डालते थे।इंस्पेक्टर ने बताया कि बरामद दवाओं को सील किया जा रहा है। आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

एक वर्ष पहले सिकंदरा में पकड़ा था काल सेंटर

एक वर्ष पहले सिकंदरा पुलिस ने भी इसी तरह से दवाओं का काल सेंटर पकड़ा था। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था।बताया जा रहा है कि कालिंदी विहार में भी इसी तरह का खेल चल रहा था।

रेलवे लाइन के पास कूड़े के ढेर में मिली दवाइयां

एत्माद्दौला के नुनिहाई इलाके में रेलवे लाइन के किनारे शनिवार को दवाइयों का ढेर पड़ा मिला। दवाओं का यह ढेर एक फैक्ट्री की दीवार के सहारे मिला।क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि दो युवक एक लोडिंग आटो में दवाइयों का जखीरा लेकर आए थे। इसे यहां फेंक कर चले गए। कुछ दिन पहले भी एक आटो इसी तरह दवाइयां भरकर लाए युवक वहां फेंक गए थे। दवाओं में अधिकांश एक्सपायरी जबकि कुछ सही थीं। इनमें कुछ इंजेक्शन और सीरिंज भी थीं।

आयुर्वेदिक दवाइयों को बेचने का किसी भी प्रकार के एक लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती । दवाइयों में आयुर्वेदिक के नाम पर किसी प्रकार की कोई पदार्थ पर मिलावट तो नहीं की इसलिए नमूना लैब भेजा जा रहा है।

डाक्टर जुगल किशोर राणा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी 

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