आगरा, जागरण संवाददाता। प्रापर्टी डीलर हत्याकांड में फरार शूटर सचिन कंजा को पुलिस एक माह भी पकड़ सकी है। उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी पुलिस उसकी गिरफ्तारी को कोई प्रयास करती नजर नहीं आ रही। शूटर का एक साथी हरियाणा में पुलिस से सेटिंग कर जेल जा चुका है। उससे भी पूछताछ करने अभी तक कोई टीम नहीं गई।

सदर क्षेत्र में राजेश्वर मंदिर के पास रहने वाले प्रापर्टी डीलर हरेश पचौरी की 19 दिसंबर को राजपुर चुंगी बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सीसीटीवी कैमरे में लाइव रिकार्डिंग हो गई थी। इसके आधार पर पुलिस को शुरू से ही शक था कि हत्या शूटर ने ही की है। कुछ अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मिले फुटेज में शूटर का चेहरा साफ दिख गया। इसके आधार पर शूटर की पहचान निबोहरा के चमरौली निवासी सचिन कंजा के रूप में हो गई। जबकि बाइक चला रहे उसके साथी की पहचान आकाश यादव के रूप में हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड में नामजद विष्णु रावत और सोनू को जेल भेज दिया। पुलिस ने पर्दाफाश किया कि जमीन के धंधों में बर्चस्व कायम करने को विष्णु, सोनू और भानु प्रताप मुदगल ने हत्या की सुपारी सचिन कंजा को दी थी। भानु प्रताप मुदगल कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया। उसको पुलिस ने रिमांड पर लेने को अदालत में प्रार्थना पत्र तक नहीं दिया। शूटर आकाश हरियाणा में तमंचे के साथ पुलिस ने पकड़ लिया। उसको जेल भेज दिया गया। सचिन कंजा भी हरियाणा में पारस गैंग के साथ काम कर चुका है। उसके खिलाफ वहां मुकदमे भी हैं। आशंका थी कि सचिन कंजा किसी पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल जा सकता है। इसके बाद भी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं किए। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। एक माह पूरा हो चुका है, लेकिन पुलिस अभी तक शूटर का कोई सुराग भी नहीं लगा सकी है। इससे प्रापर्टी डीलर के स्वजन में आक्रोश है। उनका कहना है कि पुलिस शूटर की गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं कर रही है। उनके परिवार को जान का खतरा है। 

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