आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा में बच्चों से भिक्षावृत्ति कराने के मामले सामने आने पर राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। उसने बच्चों से भिक्षावृत्ति कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा है। वहीं इन बच्चों को पुर्नवासित करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। डीजीपी के आदेश पर आगरा समेत अन्य जिलों में 10 दिसंबर से मानव तस्करी निरोधक थाने की टीम द्वारा शहर में भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। आगरा में अब तक 69 बच्चों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

बाल भिक्षावृत्ति काे लेकर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आगरा समेत प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। इसमें भीख मांगने वाले बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर पुर्नवासित करने की कहा है। बच्चों से भीख मंगवाने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही को लिखा है। इस मामले में आगरा के बाल अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने आयोग को पत्र लिखा था। उन्होंने एमजी रोड का सर्वे करके 45 बच्चों की सूची आगरा पुलिस को सौंपी थी। जिनसे भिक्षावृत्ति कराई जा रही थी। आयोग के अध्यक्ष डाक्टर विशेष गुप्ता ने इसे गंभीरता से लिया है।

इसके बाद से मानव तस्करी निरोधक थाना, चाइल्ड लाइन और सामाजिक संगठनों द्वारा भिक्षावृत्ति के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 69 बच्चों को रेस्क्यू किया जा चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि आरोपितों पर कार्यवाही से भिक्षावृत्ति में कमी आएगी।

भिक्षावृत्ति समेत अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों से संपर्क किया गया है। इसमें एक संगठन द्वारा बच्चों को पढ़ाने के साथ ही स्वालंबी बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई आदि के प्रशिक्षण के लिए आश्वासन दिया गया है। वहीं शिक्षिकाओं द्वारा बच्चों की शिक्षा के आश्वासन दिया गया है।

बबलू कुमार एसएसपी 

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