आगरा, जागरण संवाददाता। आलू की कालाबजारी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने संयुक्त बैठक में शीतगृह संचालकों को निर्देश दिए कि जमाखोरों और व्यापारियों के आलू की निकासी 31 अक्टूबर तक हर दशा में करा ली जाए। अवशेष भंडारण की सूचना तत्काल दी जाए। साथ ही किसानों को परेशान नहीं किया जाए।

किसानों, शीतगृह संचालक, उद्यान विभाग के साथ डीएम कैंप कार्यालय पर गुरुवार को बैठक आयोजित की गई। किसान मोहन सिंह चाहर, श्याम सिंह चाहर, चौधरी रामवीर सिंह ने कहा कि अभी 50 फीसद ही बुवाई हुई है। कुछ प्रजातियों की बुवाई देरी से होती है। ऐसे में किसानों को शीतगृह संचालक परेशान करेंगे। इसलिए किसान हित में 30 नवंबर तक शीतगृह संचालन की तिथि की जाए। किसानों ने आलू अनुसंधान केंद्र की इकाई स्थापना की मांग उठाई। डीएम ने शीतगृह संचालन की तिथि बढ़ाने पर शासन स्तर से वार्ता कर निर्णय लेने की बात कही। साथ ही बताया कि अनुसंधान केंद्र के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस दौरान सीडीओ जे रीभा, उप निदेशक उद्यान कौशल कुमार, मंडी सचिव शिवकुमार राघव, राजवीर लवानिया, लाखन सिंह त्यागी, कप्तान सिंह चाहर, सौरभ चौधरी, अतुल मित्तल, अनुरंजन सिंघल, अजय गुप्ता आदि मौजूद थे।

किसान समिति शहर में बेचेगी 30 रुपये किलो आलू

आलू उत्पादक किसान समिति के पदाधिकारियों ने आम जनता को सीधा आलू उपलब्ध कराने के लिए स्थान देने की मांग की है। समिति महासचिव आमिर ने बताया कि वे 30 रुपये प्रति किलोग्राम पर आलू शहर के विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने उद्यान विभाग, मंडी परिषद को व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार से विकास भवन, जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, टेढ़ी बगिया पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम आलू समिति आलू उपलब्ध कराएगी। समिति ने लोगों से घर से थैला लाने की अपील की है। 

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