आगरा, जागरण संवाददाता। मदिया कटरा के श्रीनाथ जी कांप्लेक्स मामले में अदालत ने बिल्डरों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दुकानदाराें ने अपने साथ धोखाधड़़ी का अारोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें पार्किंग की जगह पर बिल्डरों द्वारा दुकानें बनाकर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) से उसका मानचित्र स्वीकृत बताते हुए बेच दिया गया था।

मामले में जगदीशपुरा के अलकापुरी निवासी आशा रानी बंसल पत्नी हरीशचंद बंसल द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। आशा रानी के मुताबिक उन्होने श्रीनाथ जी कांप्लेक्स में दुकान नंबर छह और सात खरीदी थीं। उनके अलावा अन्य लोगों ने भी यहां दुकानें क्रय की थीं। कांप्लेक्स का निर्माण दिल्ली की जेपी रियल्टर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया था। वर्ष 2017 में एडीए द्वारा भेजे गए नोटिस से पता चला कि दुकानें उन्हें धोखा देकर बेची गयी थीं। भूतल पर बनी 11 दुकानें एडीए के अनुसार पार्किंग की जगह पर थी।

जबकि आरोपितों ने इन 11 दुकानों को एडीए के नक्शे में पास बताते उन समेत अन्य लोगों को हुए बेची थीं। अदालत ने राजेश्वर प्रसाद बंसल, मोहन लाल अग्रवाल, महेंद्र प्रताप, सुनील अग्रवाल, विनय कुमार सभी निवासी फीरोजाबाद और रेखा बंसल निवासी कन्हैया एन्क्लेव केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड के खिलाफ लोहामंडी थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। 

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