आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना काल में दवाओं के साथ ही कई सर्जिकल सामान की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। चीन से आयात होने वाले माल पर लगी रोक भी कीमतों में उछाल का कारण बनी है। डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर की सि्ट्रप में दोगुने से ज्यादा का अंतर आ गया है।

दवाओं के दाम भी बढ़े

कोरोना के संक्रमण काल में कई दवाएं महंगी हुई। इनमेें विटामिन सी और डी की गोलियां शामिल हैं। विटामिन सी का जो पत्ता पहले 14 रुपये का आता था, वो अब 22 से 30 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह विटामिन डी की गोलियों का पत्ता भी महंगा बिक रहा है।

सर्जिकल सामानों में भी आया उछाल

लॉक डाउन में सबसे ज्यादा मांग पल्स ऑक्सीमीटर की रही। यह चीन से आयात होता था, आयात पर रोक के कारण और मांग ज्यादा होने के कारण इसकी कीमतों में दोगुने से ज्यादा हो गया। यही हाल डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर का भी है। इसके साथ ही इंफ्रारेड थर्मामीटर, नेबुलाइजर, ब्‍लड प्रेशर मॉनीटर व ग्लूकोमीटर में इस्तेमाल होने वाली सि्ट्रप की कीमतों में भी अंतर आया है। भारत मेडिकल उपकरणों का 80 प्रतिशत आयात करता है और इस आयात में चीन की अहम हिस्सेदारी है। आयात पर लगी रोक के कारण स्टॉक लगातार कम हो रहा है। इधर कोरोना काल में लोगों ने अपने घरों में ही जांच के लिए जरूरी उपकरण खरीदने शुरू कर दिए। बाजार में मांग बढ़ी तो स्टॉक कम होता गया।

कीमतों में आया अंतर

उत्पाद पहले अब रिटेल थोक

डिजिटल थर्मामीटर 100 250 40 90

पल्स ऑक्सीमीटर 700 2000 700 1200

ग्लूकोमीटर सि्ट्रप(25 सि्ट्रप का डिब्बा) 250 400 200 325

इंफ्रारेड थर्मामीटर 850 15000 850 1100

बीपी मॉनिटर मशीन 900 2500 900 1050

माल की कीमतें कंपनियां ही बढ़ा कर भेज रही हैं। अब तो मार्जिन भी काफी कम हो गया है। प्रतियोगिता के कारण हम भी अब रेट टू रेट बेचने को मजबूर हैं।

- सुरेंद्र अग्रवाल, विक्रेता,थोक सर्जिकल उत्पाद

लोगों ने अपने घरों में ही सभी सामान रखने शुरू कर दिए,इससे मांग बढ़ी। चीन से आयात न होने के कारण भी कीमतों में अंतर आया है।

- आशु शर्मा, अध्यक्ष, आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन 

Posted By: Tanu Gupta

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