आगरा, जागरण संवाददाता। खंदौली से जिला पंचायत सदस्य सत्यप्रकाश उर्फ पागल नेता ने मंगलवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। वे रविवार को मथुरा में एक वाहन की टक्कर से घायल हो गए थे। मृतक के बेटे ने इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष को दो समर्थकों सहित नामजद करते हुए मथुरा में मुकदमा दर्ज कराया है।

खंदौली के राम नगर निवासी सत्यप्रकाश उपाध्याय वार्ड छह से जिला पंचायत सदस्य थे। उन्हें लोग पागल नेता के नाम से जानते थे। रविवार को वे स्कूटर से मथुरा में अपनी रिश्तेदारी में जा रहे थे। तभी किसी वाहन ने उनको टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें सिकंदरा क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार दोपहर पागल नेता की सांस थम गई।

हादसे में पागल नेता के घायल होने पर उनके बेटे पवन उपाध्याय ने रविवार को ही मथुरा के हाईवे थाने में आगरा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल, उनके साथी अरुण कसाना और नेत्रपाल माहौर के खिलाफ जानलेवा हमला, साजिश का मुकदमा लिखाया था।

बेबाकी ने बना दिया पागल नेता

मूलरूप से सराय दायरूपा निवासी 57 वर्षीय सत्यप्रकाश उपाध्याय सीधी-सपाट बात करते थे। भ्रष्टाचार के विरुद्ध वे अक्सर आवाज उठाते रहते थे। इसलिए लोग उन्हें पागल नेता कहने लगे थे। ग्राम पंचायत और जिला पंचायत में हालांकि तीन बार किस्मत ने साथ नहीं दिया। चौथी बार फिर मैदान में उतरे। पैदल ही गली-गली घूमते थे। चुनाव के अंतिम दौर में एक समर्थक ने स्कूटर दिलाया, तब इससे ही उन्हें प्रचार किया था। इस चुनाव में जीत हासिल की थी। पवन ने बताया कि अंतिम संस्कार बुधवार को गांव में किया जाएगा। आरोप: रंजिश मानते थे जिपं अध्यक्ष

पागल नेता के बेटे पवन का आरोप है कि जिपं अध्यक्ष ने दो माह पहले उनके पिता से मारपीट की थी। वे उनसे रंजिश मानते थे। दो दिन पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी। पवन का आरोप है कि उनके पिता की साजिश के तहत वाहन से टक्कर मारकर हत्या की गई है, जिससे लोग हादसा समझें। यह साजिश हत्या का मामला है। वे इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। अविश्वास प्रस्ताव मामले में थे नामजद: जिला पंचायत में पिछले महीने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हंगामा हुआ था। इस मामले में रकाबगंज थाने में दर्ज मुकदमे में वे नामजद थे। आरोप निराधार: जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल ने पागल नेता के बेटे के आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि इसके पीछे राजनीतिक विरोधियों की साजिश है।

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