आगरा, श्रवण शर्मा। प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को एक और अभिनव प्रयोग शुरू हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग मेें लागू हुए सेल्फी के इस नियम से शिक्षा की सेहत तो सुधरेगी ही, साथ ही शिक्षक भी समय से स्कूलों आएंगे और जाएंगे। अब बेसिक के प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को शिक्षामित्रों के साथ विद्यालय खुलने और बंद होने के समय सेल्फी डालनी होगी।

बेसिक विभाग के स्कूलों की दिशा और दशा सुधारने को सरकार तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन यह फिर भी ढर्रे पर नहीं आ रहे हैं। सरकार और विभागीय अधिकारियों के सुधार की तमाम कोशिशों के बाद भी शिक्षक स्कूलों में समय से नहीं पहुंचते हैं, वहीं समय से पहले ही स्कूल भी छोड़ जाते हैं। शिक्षकों की यह शैली शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में भी बाधक साबित हो रही हैं। बीते दिनों ही शिक्षा अधिकारियों को छोडि़ए, खुद डीएम प्रदीप कुमार उपाध्याय के बूथ निरीक्षण में प्राइमरी स्कूल के शिक्षक और शिक्षा मित्र ही गैरहाजिर मिले थे।

सेल्फी सुधारेगी गुरूजी को

बेसिक शिक्षा की बदहाली को उबारने के लिए जिला में एक अभिनव प्रयोग शुरू हो रहा है। अब हर प्राइमरी और जूनियर के शिक्षकोंं को स्कूल खुलने के साथ ही मोबाइल से सेल्फी लेनी होगी। शिक्षा मित्र के साथ ली गई सेल्फी को प्रधानाध्यापक न्याय पंचायत संसाधन केंद्र अधिकारी के ग्रुप पर डालना होगा। यह सेल्फी स्कूल खुलने और बंद होने के तय समय पर ही ली जाएगी।

होगी पाक्षिक समीक्षा

शिक्षा मित्रों के साथ शिक्षकों की इस सेल्फी की पाक्षिक समीक्षा भी होगी। इसके लिए एनपीआरसी पर रजिस्टर भी बनाया जाएगा, जिसमें एक केंद्र के सभी शिक्षकों की सेल्फी भेजने के समय का ब्योरा दर्ज होगा। एनपीआरसी इस काम को नियमित करेंगे। एबीआरसी के साथ बीएसए पाक्षिक तौर पर इसकी समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद कमियों को दूर करने पर काम होगा।

गुणवत्‍ता में होगा सुधार

शिक्षा मित्र के साथ शिक्षकों की सेल्फी का उद्देश्य समय से स्कूलों में उपस्थिति के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। जब समय से शिक्षक स्कूल आएंगे तो बच्चे भी इससे प्रेरित होंगे। इससे शैक्षिक माहौल सुधरेगा और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

विजय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।

Posted By: Tanu Gupta